
'सिर्फ ताकतवर की...', ब्लू सनग्लास पहन मैक्रों ने दावोस में ट्रंप को बर्दाश्त की हद समझा दी, हर एक शब्द पावरफुल!
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स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्विटजरलैंड के दावोस में दिए गए अपने भाषण से अतंरराष्ट्रीय हलकों में सनसनी मचा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जुबानी हमलों का लगातार सामना कर रहे मैक्रों ने बिगड़ते वर्ल्ड ऑर्डर पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने अपने भाषण में "बुलीज़" (bullies) जैसे शब्दों का प्रयोग किया और कहा कि जोर-जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात की.
इमैनुएल मैक्रों ने बिना नाम लिए लेकिन स्पष्ट रूप से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ओर इशारा करते हुए कहा कि दुनिया "एक नियम-रहित विश्व" (world without rules) की ओर बढ़ रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून को पैरों तले कुचला जा रहा है और सिर्फ "ताकतवर का कानून" (law of the strongest) चल रहा है.
मैक्रों ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जुटे विश्व भर के नेताओं को आसामनी रंग सनग्लासेज पहने मैक्रों ने संबोधित करते हुए कहा, "देखिए हम किस स्थिति में हैं. मेरा मतलब है, डेमोक्रेसी के खिलाफ, तानाशाही की तरफ बदलाव. ज़्यादा हिंसा, 2024 में 60 से ज़्यादा युद्ध – यह एक बिल्कुल रिकॉर्ड है, भले ही मुझे पता चला कि उनमें से कुछ फिक्स थे. और टकराव नॉर्मल हो गया है, हाइब्रिड हो गया है, नई मांगों, जगह, डिजिटल जानकारी, साइबर, व्यापार वगैरह में फैल रहा है."
अंतर्राष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है
मैक्रों ने अमेरिकी दादागीरी की चर्चा करते हुए कहा कि, "यह एक ऐसी दुनिया की ओर भी बदलाव है जहां कोई नियम नहीं हैं जहां अंतर्राष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है और जहां ऐसा लगता है कि सिर्फ़ सबसे ताकतवर का कानून ही मायने रखता है."
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