
Omicron वैरिएंट से भारत को कितना खतरा? देखें क्या बोले रहे एक्सपर्ट
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Omicron variant: ओमिक्रॉन वैरिएंट कितना खतरनाक है, इससे निपटने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए. इस बारे में दुनिया के हेल्थ एक्सपर्ट की राय भी सामने आ रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही इस लेकर अपनी चिंता जता चुका है. कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट में सबसे ज्यादा म्यूटेशन होने का दावा किया जा रहा है. WHO का कहना है कि यह वैरिएंट ना सिर्फ तेजी से फैल सकता है, बल्कि वैक्सीन की प्रभावशीलता को भी कम कर सकता है. इस पर आजतक से डॉ मोहसिन वली, फिजिशियन, गंगा राम हॉस्पिटल ने बात की जहां उन्होंने बताया कि इस वक्त मास्क पहनना कितना जरूरी है. साथ ही उन्होंने मास्क की पारिभाषा को बताते हुए उसकी महत्वता को भी दर्शाया. देखिए ये वीडियो.

7 राज्य, 26 ठिकाने और ED का एक्शन... इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, PMLA के तहत चल रही है जांच
ED ने PMLA के तहत गोवा समेत 7 राज्यों में मौजूद 26 ठिकानों पर छापेमारी की और इंटरस्टेट ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया. यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. पढ़ें इस मामले की पूरी कहानी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि पंचायत से पार्लियमामेंट तक जनता का विश्वास बीजेपी के साथ है. इसी विश्वास की नई किस्त महाराष्ट्र से आई है. देश में लगातार तीन बार मोदी सरकार. देश के बीस राज्यों में NDA की सरकार. केरल तक में बीजेपी की जीत. तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में कमल खिलने के बाद आज महाराष्ट्र में भी नया इतिहास रचा गया है.

आज के बीएमसी चुनाव में भाजपा ने मुम्बई में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले चालीस वर्षों में पहली बार भाजपा बीएमसी की मेयर की कुर्सी संभालने को तैयार है. भाजपा ने विकास कार्यों को अपनी प्राथमिकता बनाया है और जनता ने इसे स्वीकार किया है. चुनाव की मतगणना अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती रुझान साफ दिखा रहे हैं कि भाजपा और उसके गठबंधन को भारी बहुमत मिलेगा. विपक्ष खासकर शिवसेना के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को कुछ सीटें मिली हैं पर भाजपा की बढ़त स्पष्ट है.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट का गठबंधन आगे चल रहा है. ठाकरे बंधुओं और एनसीपी-एसपी का गठबंधन भी 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Axis My India के एमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि हार के बावजूद ठाकरे बंधु मराठी बहुल इलाकों, खासकर ग्रेटर मुंबई में अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. हार के बावजूद उनके वजूद पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.









