
Mann Ki Baat: कोरोना वैक्सीन, ओलंपिक समेत इन बड़े मुद्दों पर पीएम ने की बात, जानिए क्या कहा
Zee News
पीएम मोदी ने कहा- अफवाहों पर न दें ध्यान, मेरी 100 साल की मां ने लगवाई है वैक्सीन
नई दिल्लीः पीएम नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार को रेडियो पर मन की बात प्रोग्राम के जरिए देश को संबोधित किया. यह मोदी सरकार के इस कार्यक्रंम का 78वां एपिसोड था. कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कोरोना, ओलंपिक समेत कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश के बैतूल के एक गांव के लोगों से बात की. गांव के लोगों ने उन्हें बताया कि हमारे यहां वैक्सीन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि इससे मौत हो रही है. You heard this month’s covering diverse topics like , overcoming vaccine hesitancy, working towards water conservation and more… वैक्सीन के भ्रम पर दी सफाई पीएम मोदी ने गांव के लोगों से बात करते हुए बताया कि वैक्सीन पर भ्रम नहीं फैलने देना है. मैंने वैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं. मेरी मां ने 100 साल की उम्र में वैक्सीन के दोनों डोज लगवाए हैं. आपके गांव में जो भ्रम फैलाया गया है, उसमें जरा भी सच्चाई नहीं है. हमारे देश के 20 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन ली है. ऐसा कुछ भी नहीं है. आप भी वैक्सीन लगवाइए. और बाकियों को भी प्रेरित करिए. There is an interesting Quiz based on today’s episode in the NaMo App which I urge you all to take part in.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.










