
Kargil Vijay Diwas: कारगिल के शहीदों को अनोखे अंदाज में दी गई श्रद्धांजलि, दिल्ली में हर शहीद के नाम पर पौधारोपण
AajTak
कारगिल विजय दिवस सभी देशवासियों के लिए एक बहुत ही अहम दिन माना जाता है. भारत में हर साल 26 जुलाई को ये दिवस मनाया जाता है. इसी दिन भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच कारगिल में जंग खत्म हुई थी. लगभग 60 दिनों तक चले इस युद्ध में हमारे देश की सेना ने जीत हासिल की थी.
Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर दिल्ली में देश के शहीदों को समर्पित युवाओं के एक संगठन ने अनोखा अभियान शुरू किया है. यह संगठन दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मौजूद पार्कों में कारगिल के शहीदों की याद में पौधारोपण कर रहा है. इस अभियान का आगाज बदरपुर के अटल पार्क से किया गया. जहां कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके नाम से पौधे लगाए गए.
हर वर्ष मनाया जाता है कारगिल विजय दिवस दरअसल, कारगिल विजय दिवस सभी देशवासियों के लिए एक बहुत ही अहम दिन माना जाता है. भारत में हर साल 26 जुलाई को ये दिवस मनाया जाता है. इसी दिन भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच कारगिल में जंग खत्म हुई थी. लगभग 60 दिनों तक चले इस युद्ध में 26 जुलाई के दिन हमारे देश के जांबाज फौजियों ने जीत हासिल की थी. तभी से कारगिल विजय दिवस युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों के सम्मान में मनाया जाता है.
हर कारगिल शहीद के नाम पर पौधा देश के शहीदों को समर्पित स्वाभिमान देश का नामक संगठन ने कारगिल के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है. वे सभी शहीदों के नाम से दिल्ली के पार्कों में पोधारोपण कर रहे हैं. हर पौधे को एक कारगिल शहीद के नाम समर्पित किया गया है. इसीलिए हर पौधे पर एक कारगिल शहीद के नाम की तख्ती लगी है.
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिधूड़ी का कहना है कि कारगिल के शहीदों की याद में उनका पौधारोपण अभियान पूरे दिल्ली में चलेगा. इसकी शुरुआत अटल पार्क से की गई है, जहां 50 पौधे शहीदों के नाम पर लगाए गए हैं. इसके बाद दिल्ली के महाराणा प्रताप पार्क, सैनिक फार्म पार्क, जनरल विपिन रावत पार्क, भगवान परशूराम पार्क और विश्वकर्मा पार्क में पौधे लगाए जाएंगे.
पौधों की देखरेख करेंगी RWA सुरेंद्र के मुताबिक, कारगिल के 527 शहीदों के नाम पर 527 पौधे लगाए जा रहे हैं. साथ ही हर शहीद के नाम की तख्ती हर पौधे के साथ लगाई जा रही है. जहां जहां भी पौधे लगाए जा रहे हैं, उनकी देखरेख की जिम्मेदारी उन इलाकों की RWA को दी गई है. उनका कहना है कि इस अभियान का मकसद केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देना ही नहीं है, बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाना भी है.
रेलवे पुलिस बैंड की प्रस्तुति अटल पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा और पौधारोपण कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग पहुंचे. कार्यक्रम में कुछ शहीदों के परिवार भी मौजूद रहे. जिन्हें संगठन की ओर से मंच पर सम्मानित भी किया गया. इस दौरान सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र रहा रेलवे पुलिस का बैंड, जिसने राष्ट्रगीत और देशभक्ति की गीतों की धुन बजाकर सबका ध्यान खींचा.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.








