
JEE Mains Result 2025: टाई ब्रेकिंग फॉर्मूला से किस तरह बनता है जेईई मेन्स का स्कोरकार्ड? जानिए कैसे तय की जाती है जेईई रैंक
AajTak
देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन (बीई-बीटेक) का रिजल्ट आज यानी 17 अप्रैल को जारी हो सकता है. करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इस साल जेईई-मेन के परिणामों में आल इंडिया रैंक-1 पर कई स्टूडेंट्स आना तय है.
JEE Mains April 2025 Result: देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन (JEE-Main) 2025 का रिजल्ट आज यानी 17 अप्रैल को जारी होने की पूरी संभावना है. इस बार परीक्षा में रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने भाग लिया और 15 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने जेईई-मेन के दोनों सेशनों (जनवरी और अप्रैल) में परीक्षा दी थी.
जेईई मेन में रैंक उम्मीदवार के पर्सेंटाइल से निर्धारित होती है. इसका मतलब है कि पर्सेंटाइल जितना अधिक होगा, रैंक उतनी ही बेहतर होगी. करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा (Allen Institute) के अनुसार, इस बार जेईई-मेन में ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR-1) पर कई छात्रों के एक साथ आने की संभावना है. इसकी वजह है टाई-ब्रेकिंग की वह प्रक्रिया, जिसे एनटीए (NTA) अपनाता है.
टाई-ब्रेकिंग फॉर्मूला: किसे मिलेगी ऊंची रैंक?
एनटीए द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, यदि दो या दो से अधिक छात्रों के कुल NTA स्कोर समान होते हैं, तो रैंक तय करने के लिए निम्नलिखित क्रम से विषयवार स्कोर देखा जाएगा:
1. पहले गणित (Mathematics) का NTA स्कोर देखा जाएगा. 2. यदि इसमें भी टाई है, तो फिजिक्स (Physics) का स्कोर देखा जाएगा. 3. इसके बाद केमिस्ट्री (Chemistry) का स्कोर देखा जाएगा.
अगर इन तीनों विषयों में भी टाई बनी रहती है, तो फिर छात्रों के सही और गलत उत्तरों के अनुपात को आधार बनाया जाएगा. अगर इसके बाद भी टाई रहती है, तो उन सभी छात्रों को समान ऑल इंडिया रैंक (AIR) दी जाएगी. इस प्रक्रिया के तहत जिन विद्यार्थियों ने 300 में से 300 अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें AIR-1 दी जाएगी, भले ही ऐसी संख्या में कई छात्र हों.













