
IND vs ENG: जसप्रीत बुमराह की गेंद पर चोटिल हुए ऋषभ पंत... छोड़ना पड़ा मैदान, ये खिलाड़ी कर रहा विकेटकीपिंग
AajTak
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच में विकेटकीपर और भारतीय टीम के उप-कप्तान ऋषभ पंत इंजर्ड होने के चलते मैदान से बाहर चले गए. बुमराह की गेंद को कलेक्ट करने के दौरान पंत इंजर्ड हुए.
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर जारी है. इस मुकाबले के पहले दिन (10 जुलाई) भारतीय टीम की टेंशन उस समय बढ़ गई, जब विकेटकीपर और टीम के उप-कप्तान ऋषभ पंत इंजर्ड होने के चलते मैदान से बाहर चले गए. पंत के स्थान पर ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली है.
ऋषभ पंत को चोट इंग्लैंड की पहली पारी के 34वें ओवर में लगी. उस ओवर में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद दिशाहीन थी, जिसे ऋषभ पंत पंत ने डाइव लगाकर पकड़ने का प्रयास किया. इसी क्रम में उनके बाएं हाथ की उंगलियों पर चोट लग गई. इसके बाद फीजियो उनका इलाज करने मैदान पर आए.
ऋषभ पंत की उंगलियों पर पहले से ही टेप चिपका हुआ था और वो पहले सेशन में भी कुछ तकलीफ में दिखे थे. फिजियो ने पंत की उंगलियों पर कुछ स्प्रे किया और फिर कुछ पीने के लिए दिया. हालांकि फीजियो उपचार करवाने के बाद पंत ने पांच गेंदों के लिए मैदान पर रुके. 34वें ओवर की समाप्ति के बाद वो मैदान छोड़कर बाहर गए और जुरेल सब्सटीट्यूट विकेटकीपर के तौर पर मैदान पर आए.
ऋषभ पंत की सबसे ज्यादा जरूरत बल्लेबाजी में होगी. यदि वो फिट नहीं हो पाते हैं तो बल्लेबाजी में भारत की मुश्किल बढ़ेगी. ध्रुव जुरेल इस मैच में केवल विकेटकीपिंग कर सकते हैं, लेकिन बल्लेबाजी नहीं क्योंकि ऋषभ पंत को सिर या आंख में चोट नहीं लगी है. ताकि जरूरत पड़ने पर कन्कशन सब्सटीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सके. उम्मीद है कि पंत फिट होकर इस टेस्ट में अपना योगदान दे पाएंगे.
ऋषभ पंत फिलहाल शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. पंत ने लीड्स टेस्ट मैच में भारत की दोनों पारियों में शतक (134 & 118) लगाया था. वो ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए थे. फिर उन्होंने एजबेस्टन टेंस्ट मैच में भी बल्ले से उपयोगी योगदान (25 & 65) दिया.

पाकिस्तान के समीर मिन्हास ने वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन वैभव को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. पिच पर उनका ध्यान सिर्फ टीम और अपनी पारी पर था. कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उन्होंने संयम और समझदारी दिखाते हुए गैर-जरूरी जोखिम से बचा और अपने खेल से साबित कर दिया कि रिकॉर्ड टूटने से भी ‘बेबी बॉस’ का मूड नहीं टूटा.












