
Ind A vs SA A: असरदार नहीं रही ऋषभ पंत की वापसी , साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ नहीं दिखी बल्ले की पुरानी गर्जना... ये सूरमा भी ढेर
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India A vs South Africa A: इंडिया ए और साउथ अफ्रीका ए के बीच जारी अन-ऑफशियल टेस्ट में सभी की नजरें ऋषभ पंत पर थीं, लेकिन वह अपने बल्ले से कोई गर्जना नहीं कर सके और बेहद सस्ते में आउट हो गए. वहीं रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल भी कोई कमाल नहीं कर सके. अफ्रीकी गेंदबाज प्रेनेलन सुब्रायेन ने 5 विकेट हासिल किए.
इंग्लैंड दौरे पर मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान घायल हुए ऋषभ पंत की क्रिकेट फील्ड में वापसी यादगार नहीं रही. इंडिया ए की कप्तानी कर रहे ऋषभ पंत साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट में शुक्रवार (31 अक्टूबर) को बेहद सस्ते में आउट हो गए.
चार दिवसीय मैच के दौरान पंत अपने बल्ले से महज 17 रनों का योगदान दे सके. बेंगलुरु में मौजूद बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में पंत नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने तब आए, तब इंडिया ए ने साई सुदर्शन का विकेट 32 रन पर गंवाया था.यह भी पढ़ें: वापसी के साथ ऋषभ पंत ने पहनी विराट की नंबर-18 जर्सी, स्टंप माइक पर फिर गूंजा पुराना अंदाज
उन्होंने शुरुआत में दो शानदार चौके लगाए और अच्छे लय में नजर आए, लेकिन अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए. पंत को तेज गेंदबाज ओकुहले सेले ने उन्हें पवेलियन भेज दिया और इंडिया ए का स्कोर 157/4 हो गया.
इंडिया ए की तरफ से इस मुकाबले में हाइएस्ट स्कोरर आयुष म्हात्रे रहे, जो साई सुदर्शन के साथ ओपन करने आए और 65 रन बनाए. साई और म्हात्रे ने पहले विकेट के लिए इस तरह 90 रन जोड़े.
हालांकि इसके बाद इंडिया ए के नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे. भारत की टेस्ट टीम में खेल चुके देवदत्त पडिक्कल भी इस मुकाबले में महज 6 रन बना सके. वहीं टेस्ट मैच में भारतीय टीम के लिए खेल चुके रजत पाटीदार भी इस मुकाबले में महज 19 रन बना सके. वहीं अफ्रीकी ए टीम की ओर से सबसे ऑफ ब्रेक गेंदबाज प्रेनेलन सुब्रायेन (Prenelan Subrayen) सबसे सफल रहे, जिन्होंने 5 विकेट हासिल किए.
ध्यान रहे इस मुकाबले में इंडिया ए की टीम 58 ओवर्स में 234 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. जबकि साउथ अफ्रीकी ए टीम ने 91.2 ओवर्स में 309-10 का स्कोर बनाया था. वहीं दूसरे दिन साउथ अफ्रीका ए टीम ने दिन का खेल खत्म होने के वक्त बिना कोई विकेट खोए 30 रन बना लिए थे.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












