
Happy Birthday VVS Laxman: ‘281’ ने बनाया लीजेंड, लेकिन ‘167’ ने गढ़ी थी असली कहानी
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वीवीएस लक्ष्मण… भारतीय क्रिकेट का वह नाम, जिसने खेल को ताकत नहीं, कला से सजाया. जब भी उनका जिक्र होता है, तो 2001 में कोलकाता की 281 रनों की ऐतिहासिक पारी याद आती है- जिसने ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को रोका और लक्ष्मण को ‘वेरी वेरी स्पेशल’ बना दिया.
क्रिकेट में कई बल्लेबाज आए जिन्होंने ताकत से मैदान जीता... लेकिन कुछ ऐसे भी हुए, जिन्होंने अपनी कलाइयों से दिल जीत लिए. वीवीएस लक्ष्मण उन्हीं में से एक थे. एक ऐसे कलाकार, जिनके स्ट्रोक्स में न शोर था, न जल्दबाजी, बस सौंदर्य, लय और शांति थी. उनका बल्ला जैसे संगीत रचता था, और हर शॉट एक कहानी कहता था.
1 नवंबर 1974 को हैदराबाद में जन्मे वीवीएस लक्ष्मण आज 51 साल के हो गए. हर जन्मदिन पर जब उनका नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले याद आती है कोलकाता (मार्च 2001) की 281 रनों की अद्भुत पारी, जिसने न केवल ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ रोका, बल्कि भारतीय क्रिकेट का आत्मविश्वास भी लौटा दिया. वह पारी अमर है, इतिहास में दर्ज है… लेकिन खुद लक्ष्मण उसे अपने करियर का टर्निंग प्वाइंट नहीं मानते.
‘281’ नहीं, सिडनी की 167 रनों की पारी थी असली शुरुआत
लक्ष्मण स्वीकार कर चुके हैं, '281 रनों की पारी नहीं, बल्कि 2000 में सिडनी टेस्ट में खेली गई 167 रनों की पारी ने मेरा करियर बदल दिया. इससे पहले तक मुझे अपनी काबिलियत पर भरोसा ही नहीं था. डेब्यू के बाद कई पारियां खेलीं, लेकिन कभी अर्धशतक को शतक में नहीं बदल पाया था. उस शतक के बाद ही आत्मविश्वास लौटा और अगले घरेलू सीजन में मैंने 1400 से ज्यादा रन बनाए.'
वह सिडनी की पारी लक्ष्मण की जिद, धैर्य और नाजुक टच का संगम थी. जब भारत 33 पर तीन विकेट गंवा चुका था, तब वह अकेले खड़े रहे.गांगुली के साथ उन्होंने पारी को संभाला, 198 गेंदों में 167 रन ठोके और भले भारत वह टेस्ट हार गया, लेकिन लक्ष्मण जीत गए. वहीं से शुरू हुई उनकी वह यात्रा, जो आगे जाकर उन्हें “Very Very Special” बना गई.
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