
DNA ANALYSIS: अफगानिस्तान में Taliban की जीत का कारण सेना में फैला भ्रष्टाचार, US रिपोर्ट से मिले थे संकेत
Zee News
चीन (China) के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इस घटनाक्रम से ताइवान को सीख लेने के लिए कहा है. उसके मुताबिक ताइवान भी अमेरिका (US) के समर्थन पर निर्भर है. अमेरिका रातों रात कैसे किसी देश को छोड़ कर भाग सकता है, उसे ये सबक अफगानिस्तान (Afghanistan) से सीखना चाहिए.
नई दिल्ली: अमेरिका (US) के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने अपने सैनिकों को अफगानिस्तान (Afghanistan) से वापस बुलाने के फैसले का बचाव किया है. उन्होंने कहा तालिबान (Taliban) सिर्फ इसलिए जीता क्योंकि राष्ट्रपति अशरफ गनी (President Ashraf Ghani) ने तालिबान के सामने हार मान ली थी. वहीं अफगानिस्तान की सेना (Afghan Army) ने भी तालिबान के खिलाफ संघर्ष नहीं किया. करीब 20 साल पहले जब अमेरिका ने अपने सैनिकों को अफगानिस्तान भेजा था तो उसका एक मकसद वहां लोकतंत्र की बहाली भी बताया गया था. हालांकि अफगानिस्तान ये बात कभी नहीं समझा कि अमेरिका के लिए लोकतंत्र सिर्फ एक सीढ़ी है, जिसका इस्तेमाल वो अपने हितों को साधने के लिए करता है. वहीं अफगानिस्तान के नेता और देश की राजनीति सिर्फ भ्रष्टाचार में डूबी रही.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.










