
Corona Update: कोरोना प्रतिबंधों पर कई देशों ने बरती ढील, WHO ने चेताया!
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पूरे देश में कोरोना काफी कम हो रहा है. हर जगह कोरोना के नियमों में ढील भी बरती जा रही है. पिछले 24 घंटों में 26 हजार से भी कम मामले पूरे भारत में सामने आए हैं. हालांकि, मौत का आंकड़ा कम होता नजर नहीं आ रहा है जिसके अलग कारण भी बताए जा रहे हैं. भारत का रिकवरी रेट अब 98.12 फीसदी तक जा पहुंचा है. हालांकि, कोरोना के संक्रमण की चपेट में आने और ठीक होने के बाद भी अब काफी ऐसी दिक्कतें हैं जिनका सामना लोगों को करना पड़ रहा है जिसे लॉन्ग कोरोना और पोस्ट कोविड भी कहा जा रहा है. इस बीच कोरोना के मामले कम होने पर महामारी से बचने के लिए लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए गए हैं, जिस पर WHO ने चिंता जाहिर की है. कोरोना से जुड़ी हर जानकारी के लिए देखें ये वीडियो.

7 राज्य, 26 ठिकाने और ED का एक्शन... इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, PMLA के तहत चल रही है जांच
ED ने PMLA के तहत गोवा समेत 7 राज्यों में मौजूद 26 ठिकानों पर छापेमारी की और इंटरस्टेट ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया. यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. पढ़ें इस मामले की पूरी कहानी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि पंचायत से पार्लियमामेंट तक जनता का विश्वास बीजेपी के साथ है. इसी विश्वास की नई किस्त महाराष्ट्र से आई है. देश में लगातार तीन बार मोदी सरकार. देश के बीस राज्यों में NDA की सरकार. केरल तक में बीजेपी की जीत. तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में कमल खिलने के बाद आज महाराष्ट्र में भी नया इतिहास रचा गया है.

आज के बीएमसी चुनाव में भाजपा ने मुम्बई में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले चालीस वर्षों में पहली बार भाजपा बीएमसी की मेयर की कुर्सी संभालने को तैयार है. भाजपा ने विकास कार्यों को अपनी प्राथमिकता बनाया है और जनता ने इसे स्वीकार किया है. चुनाव की मतगणना अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती रुझान साफ दिखा रहे हैं कि भाजपा और उसके गठबंधन को भारी बहुमत मिलेगा. विपक्ष खासकर शिवसेना के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को कुछ सीटें मिली हैं पर भाजपा की बढ़त स्पष्ट है.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट का गठबंधन आगे चल रहा है. ठाकरे बंधुओं और एनसीपी-एसपी का गठबंधन भी 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Axis My India के एमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि हार के बावजूद ठाकरे बंधु मराठी बहुल इलाकों, खासकर ग्रेटर मुंबई में अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. हार के बावजूद उनके वजूद पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.









