
BJD, YSR, JDS... विपक्षी महाजुटान से दूरी बनाने वाले दलों की सियासी ताकत कितनी?
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बिहार के पटना में 23 जून को विपक्षी दलों का महाजुटान है. तेलंगाना सीएम केसीआर, ओडिशा सीएम नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी और जेडीएस नेता कुमारस्वामी इसमें शामिल नहीं होंगे.
पटना में कल यानी 23 जून को विपक्षी दलों का महाजुटान है. एक मंच पर करीब 18 दलों के नेताओं को लाकर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा. बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए रणनीति बनाई जाएगी. इस बैठक में ज्यादा से ज्यादा नेताओं को शामिल करने के लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने दिल्ली से लेकर दक्षिण तक सफर किया था. उन्होंने अपने दौरों में कांग्रेस नेताओं के अलावा अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक, हेमंत सोरेन, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, ओम प्रकाश चौटाला, जयंत चौधरी, मौलाना बदरुद्दीन अजमल समेत सीपीआई, सीपीएम और सीपीआई माले के नेताओं से मुलाकात कर उन्हें एकजुटता बैठक में शामिल होने का न्योता दिया था.
इनमें से तेलंगाना सीएम केसीआर, ओडिशा सीएम नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी और जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने स्पष्ट रूप से बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है. जानते हैं कि इनक दलों की राजनीतिक ताकत क्या है और साथ न आने से विपक्ष को कितना प्रभावित कर सकते हैं.
एच. डी. कुमारस्वामी: जेडीएस
वह जेडीएस बैठक में नहीं शामिल होंगे. 6 जून को बेंगलुरु में पार्टी सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने बीजेपी विरोधी मोर्चा बनाने की कोशिशों पर कहा था कि क्या देश में एक भी पार्टी ऐसी है, जिसका बीजेपी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर कोई संबंध नहीं है? उन्होंने कहा कि वह इस देश की राजनीति का विस्तार से विश्लेषण कर सकते हैं लेकिन इसका क्या फायदा.
कर्नाटक में जेडीएस की अच्छी पकड़ मानी जाती है लेकिन इस बार हुए विधानसभा चुनावों में उसकी सीटें कम हो गईं. उसे 19 सीटों मिली यानी उसे 13.3 फीसदी वोट मिले. जबकि 2018 में उसे 37 सीटें मिली थीं. इससे पहले 2013 में 40 सीटें, 2008 में 28 सीटें और 2004 में 58 सीटें मिली थीं यानी 1999 में गठित हुई पार्टी लगातार अपना जनाधार खो रही है. वहीं लोकसभा में मौजूदा समय में जेडीएस का केवल एक सांसद ही है. कांग्रेस और बाकी दल मजबूत हो रहे हैं यानी जेडीएस अब किंगमेकर राज्य में उसकी रिश्ते कांग्रेस से सही नहीं हैं. वैसे एचडी देवगौड़ा वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं. यह समुदाय उनका कोर वोटबैंक माना जाता है. प्रदेश में इस समुदाय के लोगों की आबादी करीब 12 फीसदी है. इन सबके बीच चर्चा है कि जेडीएस बीजेपी के संपर्क में है. उसने लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी से चार सीटों की मांग की है.
जगन मोहन रेड्डी: YSR कांग्रेस

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