
Bihar Politics: जगदानंद सिंह मामले में 'आग बबूला' हुए लालू के लाल, दे डाली ये धमकी
Zee News
Bihar News: तेजप्रताप यादव ने मीडिया हाउस और उनके पत्रकारों पर मानहानी से लेकर एफआईआर (FIR) और पीआईएल (PIL) तक करने की चेतावनी दे डाली है.
Patna: छात्र राजद (Rjd) की बैठक में जगदानंद सिंह को हिटलर बताने का मामला हो या अपने पोस्टर से तेजस्वी को हटाने का मामला हो, तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) ने इन सबके लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहरा दिया है. तेजप्रताप ने मीडिया हाउस और उनके पत्रकारों पर मानहानी से लेकर एफआईआर (FIR) और पीआईएल (PIL) तक करने की चेतावनी दे डाली है. छात्र राजद की बैठक में तेजप्रताप का बयान अब उनके लिए भारी पर गयी है. दरअसल, बैठक से पहले छात्र राजद की तरफ से लगाया गया पोस्टर विवादों में आ गया बल्कि भावना में बहकर तेजप्रताप ने अध्यक्ष जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली है. अब तेजप्रताप सफाई देते चल रहे हैं. मंगलवार को तेजप्रताप से जब जगदानंद सिंह की नाराजगी को लेकर मीडिया ने सवाल किया तो वो भड़क गए.
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










