
Aushpreet Lifestyle: कैलिफोर्निया की ये लड़की है बेहद अमीर, बिना पैसा कमाए जी रही आलीशान जिंदगी
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California की रहने वाली Aushpreet इन दिनों social media पर अपने lifestyle को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. दरअसल, Aushpreet इतनी अमीर हैं कि कोई भी उनका lifestyle देखकर जल जाए. उन्होंने हाल ही में अपनी आलीशान जिंदगी की एक झलक लोगों को TikTok video के लिए जरिये दिखाई. 'Daily Star' के मुताबिक, 22 साल की ऑशप्रीत San Francisco State University की student हैं. वो कोई नौकरी भी नहीं करतीं. ये सारा पैसा उन्हें उनके माता-पिता से मिलता है. उन्होंने अपने TikTok अकाउंट (@_ashhhhh__) पर वीडियो के जरिए बताया कि वो कभी-कभी प्राइवेट जेट्स में सफर करती हैं. उन्हें फैंसी सुपरकार्स में सैर करना भी बहुत पसंद है. इस वीडियो में उन्होंने लोगों को अपना गैरेज भी दिखाया, जहां उनके पापा की लग्जरी गाड़ियां खड़ी रहती हैं. इसमें Lamborghini और Ferrari जैसी कई गाड़ियां शामिल हैं.

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.









