
Asia Cup 2025 in India: 35 साल बाद फिर भारत में होगा ये बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट... पाकिस्तान का फंसेगा पेच
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Asia Cup 2025 in India: एशिया कप 2025 की मेजबानी को लेकर एक बड़ा फैसला हुआ है. यह मेजबानी भारत को मिल गई है. यह टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. मगर एशिया कप 2025 में पाकिस्तान अपना पेच फंसा सकता है. एशिया कप 2027 बांग्लादेश की मेजबानी में होगा. यह टूर्नामेंट वनडे फॉर्मेट में खेला जाएगा.
Asia Cup 2025 in India: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को एक बड़ी सफलता मिली है. उन्हें एशिया कप 2025 की मेजबानी मिल गई है. भारत की मेजबानी में पिछला एशिया कप 1990-91 में खेला गया था. इस तरह अब 35 साल बाद भारत में यह टूर्नामेंट खेला जाएगा. बताया गया है कि यह एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा.
मगर एशिया कप 2025 में पाकिस्तान अपना पेच फंसा सकता है. दरअसल, पिछला एशिया कप 2023 पाकिस्तान की मेजबानी में होना था. तब भारतीय टीम के नहीं जाने के कारण यह हाइब्रिड मॉडल के तहत श्रीलंका के साथ संयुक्त मेजबानी में कराया गया था.
अगले दो सीजन में 6-6 टीमें ही शामिल होंगी
ऐसे में अब पाकिस्तान भी एशिया कप 2025 के लिए भारत आने से मना कर सकता है. तब थोड़ी मुश्किल हो सकती है. बता दें कि इसके बाद एशिया कप 2027 बांग्लादेश की मेजबानी में होगा. यह टूर्नामेंट वनडे फॉर्मेट में खेला जाएगा.
एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) द्वारा जारी टेंडर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, अगले दोनों पुरुष एशिया कप (भारत टी20, बांग्लादेश वनडे) में 13-13 मैच होंगे. साथ ही इन दिनों सीजन में 6-6 टीमें ही शामिल होंगी. इनमें से 5 टीमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और आफगानिस्तान होंगी. छठी टीम क्वालिफाइंग राउंड से तय होगी.
महिला टी20 एशिया कप हाल ही में खेला गया है, जिसमें श्रीलंका ने भारतीय टीम को हराकर पहली बार खिताब जीता है. टेंडर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, अगला महिला एशिया कप 2026 में खेला जाएगा, हालांकि ये टूर्नामेंट कहां होगा, इसकी मेजबानी कौन करेगा, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं लग पाई है. इसमें कुल 15 मैच होंगे.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












