
41% लोगों ने कहा... अब तो कार खरीदनी है! GST 2.0 ने बदला बाजार और 'बाइंग बिहैवियर'
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GST Impact Car Sales: बीते 15 अगस्त को जब पीएम नरेंद्र मोदी ने जीएसटी रिफॉर्म की बात कही तो तमाम लोगों ने वाहनों के सस्ते होने की उम्मीद में कार खरीदारी को टाल दिया था. 22 सितंबर को नए जीएसटी स्ट्रक्चर के लागू होते ही कार बाजार में तगड़ा बूम देखने को मिला. इस रिफॉर्म ने लोगों के कार खरीदारी (Buying Behaviour) को भी बदला है. देखें क्या कहती है सर्वे रिपोर्ट-
इस बार दीवाली की रोशनी सिर्फ दीयों से नहीं, बल्कि नई कारों की हेडलाइट्स से भी जगमगाएगी. शहरों में चमकते शोरूम, गांव-कस्बों में बुकिंग की होड़ और सोशल मीडिया पर “डिलीवरी डे” की तस्वीरें. ये सब एक नई कहानी लिख रहे हैं. बीते 22 सितंबर को हुए जीएसटी रिफॉर्म ने बाजार को पूरी तरह से बदल दिया है, ख़ास तौर पर ऑटो सेक्टर में इसका तगड़ा असर देखने को मिल रहा है. यानी देश अब त्योहारों का नहीं, बल्कि चार पहियों वाली रफ्तार का भी जश्न मना रहा है.
Grant Thornton Bharat की नई रिपोर्ट ने ये साफ़ कर दिया है कि, इस बार फेस्टिव सीज़न में देशभर में कार खरीदारी का बूम आ गया है. लोग खुलकर खरीदारी कर रहे हैं, डीलरशिप्स पर भीड़ उमड़ रही है और गाड़ियों की डिलीवरी का इंतज़ार अब "त्योहार की रस्म" बन चुका है. और इस पूरे उत्साह के पीछे है सरकार का GST 2.0 सुधार, जिसने इंडियन ऑटो मार्केट में नई जान फूंक दी है.
सोचिए, कुछ महीने पहले तक हालात अलग थे. लोग कह रहे थे कि “अभी कार मत खरीदो, टैक्स घटेगा तो फायदेमंद रहेगा.” लेकिन जैसे ही GST में बदलाव की घोषणा हुई, बाजार में रौनक लौट आई. डीलरशिप्स पर भीड़ बढ़ने लगी, और लोगों ने कहा — “अब देर किस बात की.” रिपोर्ट के अनुसार करीब 41 फीसदी उपभोक्ता अगले 3 से 4 महीनों में नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 72 फीसदी लोग पहले खरीदारी टाल चुके थे, ताकि टैक्स दरों में राहत का फायदा उठा सकें.
इस बदलाव का असर केवल वाहनों की बिक्री पर ही नहीं बल्कि लोगों की बाइंग बिहैवियर पर भी देखने को मिल रहा है. अब लोग सिर्फ कीमत या माइलेज पर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, सेफ्टी और फ्यूल इफिशिएंसी जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दे रहे हैं. सर्वे बताता है कि 38% खरीदार अब हाइब्रिड कारों की ओर झुक रहे हैं. पेट्रोल कारों को 30 फीसदी द्वारा पसंद किया जा रहा है, जबकि 21% उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहनों में रुचि दिखा रहे हैं. यह इशारा है कि भारत अब धीरे-धीरे एक ‘ट्रांज़िशन पीरियड’ से गुजर रहा है, जहां EV की तरफ बढ़ने से पहले लोग हाइब्रिड को मध्य रास्ता मान रहे हैं.
SUV सेगमेंट की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है. भारत में SUV का क्रेज लगातार बढ़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक 64% लोग SUV खरीदना पसंद कर रहे हैं, और यही वजह है कि पिछले वित्त वर्ष में SUV बिक्री कुल कार मार्केट का करीब 65 फीसदी हिस्सा रही. वहीं, सुरक्षा को लेकर भी भारतीय ग्राहक पहले से कहीं ज़्यादा जागरूक हो गए हैं. करीब 34 फीसदी उपभोक्ताओं ने कहा कि वे कीमत या माइलेज से ज़्यादा सेफ्टी फीचर्स को प्राथमिकता देते हैं.
यह भी दिलचस्प है कि अब ग्राहक थोड़ा ज़्यादा खर्च करने को तैयार हैं. रिपोर्ट बताती है कि 35 फीसदी से अधिक उपभोक्ता अच्छे वेरिएंट के लिए अतिरिक्त भुगतान करने में हिचकिचाते नहीं. 65 फीसदी तक ने कहा कि अगर प्रीमियम फीचर्स मिलें तो वे 10 से 15 फीसदी अधिक कीमत देने को तैयार हैं. यानी अब भारतीय बाजार “वैल्यू-ओरिएंटेड” नहीं बल्कि “एक्सपीरियंस-ओरिएंटेड” होता जा रहा है.

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