
4 महीने तक सबूत मिटाता रहा आफताब, मोबाइल-क्रेडिट कार्ड भायंदर की खाड़ी में फेंका... श्रद्धा मर्डर की कहानी चार्जशीट की जुबानी
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करीब 6 हज़ार पन्नों की चार्जशीट में दर्ज है आफताब और श्रद्धा की पूरी कहानी. कब और कैसे वो दोनों एक दूसरे से मिले? दोनों ने क्यों लिव-इन में रहना शुरू किया? दोनों के बीच क्यों झगड़ा होता था? दोनों मुंबई से दिल्ली क्यों आए? और फिर दिल्ली में आफताब ने श्रद्धा का कत्ल क्यों किया?
कत्ल करने के बाद आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा वॉल्कर का सिर 3 से 4 महीने तक अपने घर के फ्रिज में संभाल कर रखा हुआ था. वो अक्सर फ्रिज खोलकर श्रद्धा का चेहरा देखा करता था और उसे याद करता था. असल में वो श्रद्धा का सिर फेंकना ही नहीं चाहता था. क्योंकि उसे डर था कि ऐसे करने से कत्ल का राज खुल जाएगा. अदालत में दाखिल की गई इस सनसनीखेज वारदात की चार्जशीट में आफताब-श्रद्धा की दोस्ती, प्यार, झगड़े और कत्ल की पूरी कहानी दर्ज है.
चार्जशीट की जुबानी, आफताब-श्रद्धा की कहानी करीब 6 हज़ार पन्नों की चार्जशीट में दर्ज है आफताब और श्रद्धा की पूरी कहानी. कब और कैसे वो दोनों एक दूसरे से मिले? दोनों ने क्यों लिव-इन में रहना शुरू किया? दोनों के बीच क्यों झगड़ा होता था? दोनों मुंबई से दिल्ली क्यों आए? और फिर दिल्ली में आफताब ने श्रद्धा का कत्ल क्यों किया? ये चार्जशीट मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाखिल कर दी. चार्जशीट की एक कॉपी आजतक के पास भी है. तो आइए, इसी चार्जशीट के ज़रिए आफताब की जुबानी श्रद्धा के कत्ल की पूरी कहानी आपको सुनाते हैं.
मुलाकात, लिवइन और झगड़ा साल 2018-19 की बात है, जब बंबल एप के जरिए आफताब की मुलाकात श्रद्धा से हुई. तब श्रद्धा एक कॉल सेंटर में काम किया करती थी. धीरे धीरे दोनों में पहले दोस्ती और फिर प्यार हुआ. मगर दोनों के ही घरवाले इस रिश्ते के लिए राजी नहीं थे. इसी के बाद उन्होंने नया गांव में किराए का एक घर लिया और दोनों साथ रहने लगे. मगर कुछ वक्त बाद ही दोनों में झगड़ा शुरू हो गया. आफताब दूसरी लड़कियों से भी बातें किया करता था और इसी को लेकर श्रद्धा उससे अक्सर झगड़ा करती थी. कई बार झगड़े के दौरान आफताब श्रद्धा के साथ मारपीट भी करता था.
28-29 मार्च 2022 को छोड़ा था मुंबई एक बार तो श्रद्धा ने आफताब के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत भी लिखाई थी. बाद में दोनों ने अपने रिश्ते में सुधार लाने के लिए बैग पैकिंग ट्रिप का प्लान बनाया. इसके बाद दोनों 28-29 मार्च 2022 को मुंबई से निकल पड़े. सबसे पहले दोनों हरिद्वार पहुंचे. फिर वहां से ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी, मनाली और चंडीगढ़ घूमते हुए परावती वैली पहुंचे. परावती वैली में ही उनकी मुलाकात बद्री नाम के एक शख्स से हुई. जो दिल्ली में महरौली के छतरपुर पहाड़ी इलाके में रहा करता था.
16 मई 2022 - दिल्ली में लिया किराए का घर करीब सवा महीने तक उत्तराखंड़, पंजाब और हिमाचल घूमने के बाद आफताब और श्रद्धा 5 मई 2022 को बद्री के घर छतरपुर पहाड़ी जा पहुंचे. वहां दोनों करीब आठ दस दिन तक रुके. वहां भी दोनों में अक्सर झगड़ा हुआ करता था. दोनों के बीच इस झगड़े को देखते हुए ही बद्री ने उन्हें अपने घर से जाने को कहा. इसी के बाद 16 मई 2022 को दोनों ने एक प्रॉपर्टी डीलर के जरिए छतरपुर पहाड़ी में ही पहली मंजिल पर एक घर किराये पर ले लिया.
17 मई 2022 - गुरुग्राम गई थी श्रद्धा मुंबई से आने के बाद दो महीने से दोनों लगातार बेरोजगार थे. ज्यादातर पैसे खर्च हो चुके थे. क्रेडिट कार्ड से ही जरूरी खर्चा चल रहा था. इसे लेकर भी दोनों में झगड़ा होता था. 17 मई 2022 को श्रद्धा अपने एक दोस्त से मिलने गुरुग्राम गई थी. लेकिन वो उस रात वापस नहीं लौटी. गुरुग्राम से वो अगले दिन यानी 18 मई की दोपहर करीब 2 बजे घर वापस लौटती है. इस बात को लेकर आफताब और श्रद्धा में फिर से झगड़ा शुरू होता है. मगर कुछ देर बाद ही दोनों शांत हो जाते हैं. फिर जोमैटो से दोपहर के खाने का ऑर्डर देते हैं.

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