
2 फीट चौड़ा, 17 फीट गहरा तहखाना... किडनैपिंग के 17 दिन तक मिट्टी से पानी की बूंदें पीकर जिंदा रही 9 साल की बच्ची
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कहानी 9 साल की लड़की की, जिसे किडनैप करके मरने के लिए छोड़ दिया गया था. उसे जिस तहखाने में कैद करके रखा गया था वहां खाना-पीना तो दूर, सांस लेने के लिए हवा तक ठीक से नहीं पहुंचती थी. लेकिन इस लड़की ने हिम्मत नहीं हारी और 17 दिनों तक बिना कुछ खाना-पानी पिये खुद को जिंदा रखा. आइए जानते हैं इस लड़की की पूरी कहानी.
कैटी बीयर्स (Katie Beers) का जन्म 30 दिसंबर 1980 को न्यूयॉर्क के बे शोर (Bay Shore, New York) शहर में हुआ. लेकिन उसका बचपन काफी दर्द भरा रहा. क्योंकि जब वह 9 साल की हुई तो उसकी मां एक दिन उसे लावारिस छोड़कर कहीं चली गई. कैटी की मदद उस समय लिंडा इंगहिलेरी (Linda Inghilleri) नामक महिला ने की. वह उसे अपने घर लेकर चली गई. दरअसल, लिंडा और कैटी की मां एक दूसरे को पहले से जानती थीं. उनका एक दूसरे के घर आना जाना भी था.
लिंडा कैटी के अपने साथ लेकर तो गई. लेकिन उसने भी उसके साथ कुछ अच्छा सलूक नहीं किया. लिंडा को तो मानो जैसे घर के लिए कोई नौकरानी मिल गई हो. लिंडा अब कैटी से घर के सभी काम करवाती. उसे मारती-पीटती. उसके घर से बाहर जाने की इजाजत तक नहीं थी. स्कूल क्या होता है वो तो लिंडा जानती ही नहीं थी. उसे आस-पड़ोस में भी किसी से बात तक नहीं करने दी जाती. उसका कोई दोस्त नहीं था. आस-पड़ोस के बच्चों को जब वो खेलता हुआ देखती तो मन में ही सोच लेती कि वह भी उनके साथ खेल रही है.
लिंडा का पति करता था यौन शोषण फिर भी कैटी बीयर्स अपने दिन जैसे-तैसे लिंडा के घर निकाल रही थी. लिंडा का पति सैल्वाटोर (Salvatore) भी कैटी के साथ अच्छा सलूक नहीं करता था. यहां बता दें कि जब कैटी महज 2 साल की थी तभी से सैल्वाटोर उसका यौन शोषण करता आ रहा था. लेकिन कैटी को इतनी समझ नहीं थी. इसलिए उसने सैल्वाटोर के डर से कभी भी यह बात किसी को नहीं बताई. और अब तो वह उन्ही के घर में रह रही थी. यहां रहना उसकी मजबूरी था. क्योंकि उसका उनके अलावा कोई और था भी तो नहीं. यहां भी सैल्वाटोर उसका यौन शोषण करने से बाज नहीं आया. वह अक्सर उसके साथ गंदी हरकत करता.
कैटी ने पड़ोसी से बांटा अपना दर्द बाद में जब कैटी ने यह बात लिंडा को बताई तो वह उल्टा उसी को डांटती और कहती कि उसका पति ऐसा कुछ भी नहीं कर सकता. कैटी इन सब से काफी दुखी रहती लेकिन वो कुछ कर भी नहीं सकती थी. वह अपना दर्द किसी से बांट भी नहीं सकती थी. तभी उसकी मुलाकात हुई जॉन एस्पोसितो (John Esposito) से. जॉन लिंडा का ही पड़ोसी था. उसका इनके घर में आना-जाना था. कैटी को भी वह बहुत प्यार करता और उसके लिए कभी चॉकलेट तो कभी गिफ्ट लाता. कैटी को लगने लगा कि जॉन को ही वह अपना दर्द बयां कर सकती है. फिर उसने जॉन को अपनी पूरी कहानी बताई. लेकिन उसे नहीं पता था कि जिस इंसान को वह अपना समझ कर दर्द बांट रही है, वही आगे जाकर उसके साथ कुछ ऐसा करने वाला है जिसकी कभी कैटी ने कल्पना भी नहीं की होगी.
कैटी को मेले में घुमाने ले गया जॉन Daily Mail के मुताबिक, 28 दिसंबर 1992 के दिन जब किसी बात को लेकर लिंडा ने कैटी को घर से बाहर निकाल दिया तो वह दौड़कर जॉन के पास जा पहुंची. उसका रो-रोकर बुरा हाल था. उसने पूरी बात बताई. जॉन ने उसका मन बहलाने के लिए पूछा कि तुम्हारा दो दिन बाद जन्मदिन है. तो बताओ क्या स्पेशल करें तुम्हारे लिए. यह सुनते ही कैटी ने कहा कि उसे मेले (स्पेसप्लेक्स) में घूमना बहुत पसंद है. जॉन उसे स्पेसप्लेक्स (Spaceplex ) घुमाने लेकर गया. यहां कैटी ने काफी मजे किए. फिर जॉन रात होते-होते वह उसे अपने घर ले गया.
मेरा किडनैप हो गया है: कैटी यहीं से शुरुआत हुई कैटी की असल दर्दनाक कहानी की. उसी रात को लिंडा के फोन पर एक कॉल आया जो कि कैटी का था. इसमें कैटी ने बताया कि किसी ने मेरा किडनैप कर लिया है. प्लीज मुझे बचा लो. यह सुनते ही लिंडा के होश उड़ गए. इससे पहले वह उससे कुछ और पूछ पाती कैटी ने फोन काट दिया. फिर लिंडा पति सैल्वाटोर के साथ सीधे पुलिस स्टेशन पहुंची. उसने वहां कैटी की किडनैपिंग की रिपोर्ट दर्ज करवाई. पुलिस ने मामला दर्ज करते ही कैटी की तलाश शुरू की. पता चला कि अंतिम बार कैटी को स्पेसप्लेक्स में देखा गया था. पुलिस ने स्पेसप्लेक्स में जाकर हर जगह की अच्छे से तलाशी ली लेकिन कैटी का कुछ भी पता नहीं लग पाया.

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