
0 से 161 विधायक, दो राज्यों में सरकार... जानिए 12 साल में कहां से कहां पहुंची केजरीवाल की AAP!
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2 अक्टूबर 2012 को अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया था. 26 नवंबर 2012 को अरविंद केजरीवाल ने 'आम आदमी पार्टी' नाम से राजनीतिक पार्टी लॉन्च कर दी. अन्ना हजारे इसके पक्ष में नहीं थे. आज के वक्त में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की दो राज्यों में सरकार है. देशभर में 161 विधायक हैं.
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से जन्मी आम आदमी पार्टी इस वक्त खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी हुई है. आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल को 156 दिन जेल में बिताना पड़ा है. आलम ये है कि जमानत पर बाहर आते ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान भी कर दिया. अब केजरीवाल का कहना है कि जब तक जनता उन्हें नहीं चुनती, तब तक वो सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे.
आज से 12 साल पहले तक अरविंद केजरीवाल उस हजारों-लाखों की भीड़ का हिस्सा थे, जो दिल्ली के जंतर-मंतर पर अन्ना हजारे के साथ खड़ी थी. आज वही अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजनीति का अहम चेहरा बन चुके हैं.
अन्ना हजारे का ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ था. इस आंदोलन में अरविंद केजरीवाल ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. उस समय तो उन्हें अन्ना हजारे का 'अर्जुन' भी कहा जाने लगा था. अन्ना आंदोलन लंबे वक्त तक चला. भूख हड़तालें हुईं. पर इन सबके बावजूद जन लोकपाल कानून नहीं बन पाया.
फिर आई 2012 की 2 अक्टूबर...
वो तारीख जब अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया. सवाल भी उठे. केजरीवाल पर राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए अन्ना आंदोलन का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा. हालांकि, केजरीवाल और उनके सहयोगियों का कहना था कि देश को भ्रष्टाचार से छुटकारा दिलाने का यही तरीका है कि वो राजनीति में जाएं और सिस्टम में घुसकर गंदगी को साफ करें.
आखिरकार 26 नवंबर 2012 को अरविंद केजरीवाल ने 'आम आदमी पार्टी' नाम से राजनीतिक पार्टी लॉन्च कर दी. अन्ना हजारे भी इसके पक्ष में नहीं थे. लेकिन उस समय अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'सभी पार्टियों ने धोखा दिया है. सभी पार्टियां पर्दे के पीछे से एक-दूसरे की मदद करती हैं. जब तक राजनीति नहीं बदलेगी तब तक भ्रष्टाचार से मुक्ति नहीं मिल सकती. इसलिए हमने मजबूरी में आम आदमी पार्टी का गठन किया है.'

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