
हार की हैट्रिक से विश्व विजेता तक... वर्ल्ड कप में ऐसा रहा भारत की बेटियों का सफर
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आईसीसी विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से करारी शिकस्त दी है.
आईसीसी विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से करारी शिकस्त दी है. लेकिन ये वर्ल्ड कप का सफर भारत के लिए आसान नहीं था. एक समय ऐसा भी था जब भारतीय टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की राह भी मुश्किल दिख रही थी. लेकिन भारतीय टीम ने बाउंस बैक किया और इतिहास रच दिया.
ऐसा रहा वर्ल्ड कप का सफर
भारतीय विमेंस टीम ने इस अभियान का आगाज 30 सितंबर को किया था. श्रीलंका के खिलाफ खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की थी. दूसरा मैच भारत का पाकिस्तान के खिलाफ 5 अक्तूबर को था. इस मैच में भारतीय महिला टीम ने एकतरफा पाकिस्तान को पटखनी दी थी. भारत ने 88 रनों से ये मैच जीता था.
फिर लगी हार की हैट्रिक...
इसके बाद भारतीय टीम को हार की हैट्रिक झेलनी पड़ी. 9 अक्तूबर को भारत को पहली हार साउथ अफ्रीका के हाथों मिली. उसे 3 विकेट से शिकस्त मिली. इसके बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया ने हराया और फिर इंग्लैंड के साथ खेले गए मैच में 19 अक्तूबर को भारत को हार की हैट्रिक मिली और इंग्लैंड ने 4 रन से मैच जीता.
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












