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हमास से जंग के बाद नेतन्याहू की लोकप्रियता को तगड़ा झटका, सपोर्ट में बस 15 फीसदी इजरायली!

हमास से जंग के बाद नेतन्याहू की लोकप्रियता को तगड़ा झटका, सपोर्ट में बस 15 फीसदी इजरायली!

AajTak
Tuesday, January 02, 2024 02:29:36 PM UTC

इजरायल में किए गए सर्वे से पता चला कि केवल 15 फीसदी लोग ही चाहते हैं कि युद्ध खत्म होने के बाद नेतन्याहू फिर से प्रधानमंत्री बनें. वहीं उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और वर्तमान युद्ध में समर्थक बेनी गैंट्ज को 23 फीसदी लोगों का पीएम पद के तौर पर समर्थन मिला है, जबकि लगभग 30 फीसदी लोगों ने प्रधानमंत्री पद के लिए किसी भी नेता के नाम का सुझाव नहीं दिया है.

गाजा में हमास के खिलाफ इजरायल का एक्शन अब भी जारी है. अब तक इस हमले में हजारों फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों घायल हैं. इस सबके बीच एक सर्वे सामने आया है, जिसके मुताबिक हमास के खिलाफ जारी युद्ध से इजरायल में नेतन्याहू की लोकप्रियता को बड़ा झटका लगा है. 

कारण, सर्वे के मुताबिक केवल 15 फीसदी इजरायली चाहते हैं कि गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने पद पर बने रहें. हालांकि कई लोग अभी भी फिलिस्तीनी क्षेत्र में आतंकवादियों को कुचलने की उनकी रणनीति का समर्थन कर रहे हैं. 

दरअसल, नेतन्याहू ने दक्षिणी इजरायल में 7 अक्टूबर को हुए हमले के बाद हमास को कुचलने का वादा किया था, जिसमें 1,200 लोग मारे गए थे और 240 लोगों को किडनैप कर गाजा में बंदी बना लिया गया था. इजरायली सेनाओं ने अपने लगभग तीन महीने के जवाबी हमले में गाजा का अधिकांश हिस्सा बर्बाद कर दिया है. 

56 फीसदी लोगों ने हमलों का किया समर्थन

इस बीच इजरायल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट (आईडीआई) द्वारा किया गया सर्वे मंगलवार को प्रकाशित हुआ. इस सर्वे में जिन लोगों से सवाल किया गया उनमें से 56 फीसदी ने कहा कि बंधकों को वापस लाने के लिए सैन्य हमले जारी रखना सबसे अच्छा तरीका है, जबकि 24 फीसदी लोगों का कहना है कि बंधकों को वापस लेने के लिए इजरायल की जेलों से हजारों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई करना बेहतर विकल्प है.

बता दें कि गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि युद्ध में 22,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं और अधिकांश आबादी विस्थापित हो गई है. वहीं इजरायल का कहना है कि उसने लगभग 8,000 फिलिस्तीनी लड़ाकों को मार डाला है और उसने हमास नेताओं को खत्म करने की कसम खाई है.

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'तुमने ही तो कहा था...', ट्रंप ने बता दिया किसने दिया था ईरान पर हमले का आइडिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के पीछे की असली वजह का खुलासा किया है. ट्रंप ने अपने मंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की और कहा कि अमेरिका को इस समस्या को खत्म करना होगा. उन्होंने बताया कि अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी ने उन्हें युद्ध शुरू करने की सलाह दी थी.

'खामेनेई को मारने का यही मौका’, नेतन्याहू ने ट्रंप पर बनाया था दबाव! फोन कॉल से खुलासा

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने युद्ध से पहले ट्रंप को खुफिया जानकारी दी थी कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई पर हमले का ये बेहतरीन मौका है. हालांकि, नेतन्याहू अमेरिका पर युद्ध के लिए दबाव डालने से इनकार करते आ रहे हैं.

ट्रंप ने क्यों टाला ईरान के पावर प्लांट पर हमला? देखें दुनिया आजतक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होनें ईरान के पावर प्लांट पर अमेरिका द्वारा किए जाने वाले हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. साथ ही ट्रंप ने ये भी बताया कि अब बातचीत के परिणाम पर आगे का निर्णय लेंगे और अमेरिका-ईरान के बीच अच्छी बातचीत हुई है और ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा.

ईरान के पावर प्लांट उड़ाने की धमकी पर क्यों नरम पड़े ट्रंप के तेवर? देखें

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इटली: जॉर्जिया मेलोनी को करारा झटका, जनता ने न्यायिक सुधारों को नकारा, जनमत संग्रह में मिली करारी हार

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