
हमास कमांडर का ऑडियो, लाइव फुटेज... गाजा हॉस्पिटल अटैक पर इजरायल ने पेश किए बेगुनाही के 5 सबूत
AajTak
गाजा पट्टी में अस्पताल पर हुए हमले में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. हमास और इजरायल में जारी युद्ध के बीच अस्पताल में 3000 से ज्यादा लोगों ने शरण ले रखी थी. इजरायल ने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए जो सबूत पेश किए हैं, उनमें एक हमास के लड़ाकों का ऑडियो, मिस फायर रॉकेट का फुटेज और अन्य वीडियो जारी किए हैं.
गाजा पट्टी में अल-अहली अरब अस्पताल में हुए धमाके को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. जहां फिलिस्तीन और हमास ने आरोप लगाया है कि इजरायल ने अस्पताल पर बमबारी की है. इस हमले में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. वहीं, इजरायल ने दावा किया है कि फिलिस्तीन के इस्लामिक जिहाद द्वारा दागा गया एक रॉकेट मिस फायर होकर अस्पताल पर गिरा है. इतना ही नहीं इजरायल ने अपने दावे की पुष्टि के लिए तमाम सबूत भी पेश किए हैं.
इजरायल ने हमास का ऑडियो किया जारी
इजरायल ने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए जो सबूत पेश किए हैं, उनमें एक हमास के लड़ाकों का ऑडियो भी है. इजरायल का दावा है कि ये ऑडियो अस्पताल पर हुए हमले के बाद का है. दावा किया गया है कि इसमें हमास के दो लड़ाके बात कर रहे हैं कि अस्पताल पर फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद का ही रॉकेट मिस फायर होकर गिरा है. हमास के लड़ाके आपस में कहते सुनाई दे रहे हैं कि ये इजरायल का नहीं, हमारा रॉकेट ही दिख रहा है.
Check your own footage before you accuse Israel. 18:59 - A rocket aimed at Israel misfired and exploded. 18:59 - A hospital was hit in Gaza. You had one job. https://t.co/iCgYOkaE84 pic.twitter.com/Ag2mKCBb6M
इजरायल ने अस्पताल के पहले और बाद की फोटो की जारी

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









