
हमास-इजरायल में जारी जंग के बीच इस देश ने फिलिस्तीन को दी अलग देश की मान्यता
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इजरायल और हमास में जारी जंग के बीच कैरेबियन देश जमैका ने फिलिस्तीन को एक अलग देश के रूप में मान्यता दे दी है. जमैका सरकार की ओर से कहा गया है कि इजरायल द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्र गाजा में लगातार हमले से गहराते मानवीय संकट को देखते हुए हमने फिलिस्तीन को मान्यता देने का निर्णय लिया है.
इजरायल और हमास के बीच पिछले छह महीने से जंग जारी है. इजरायल की ओर से गाजा में जारी जवाबी कार्रवाई में अब तक 33 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है. इसी बीच कैरेबियन देश जमैका ने फिलिस्तीन को एक अलग देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमैका की विदेश मंत्री कामिनी जॉनसन स्मिथ ने कहा है कि जमैका सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनयिक बातचीत के माध्यम से इजरायल-फिलिस्तीन में जारी संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है.
विदेश मंत्रालय के बयान में यह भी कहा गया है कि फिलिस्तीन को मान्यता देने का निर्णय संयुक्त राष्ट्र के उन चार्टर सिद्धांतों के अनुरूप है जो देशों के बीच आपसी सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों के स्वतंत्र अधिकार को मान्यता देता है.
7 अक्टूबर के बाद से ही इजरायल हमास के आतंकियों को गाजा के साथ-साथ लेबनान और सीरिया में भी अपने दुश्मनों को निशाना बना रहा है.
हमास के चंगुल से छुड़ाने के लिए इजरायली वॉर कैबिनेट की बैठक
इजरायली वॉर कैबिनेट ने हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के प्रयासों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है. वॉर कैबिनेट ने इसको लेकर रविवार देर रात एक बैठक बुलाई थी. इस वॉर कैबिनेट में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, रक्षा मंत्री योव गैलेंट, नेशनल यूनिटी पार्टी के अध्यक्ष बेनी गैंट्ज शामिल थे.

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