
सरकार ने कहा पेट्रोल-डीज़ल की कमी नहीं लेकिन एलपीजी पर दबाव, केरोसीन-कोयले का इंतज़ाम
BBC
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों से भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर सरकार के तीन मंत्रालयों ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर स्थिति की जानकारी दी और घबराहट में एलपीजी बुक न करने की अपील की.
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर भारत सरकार के तीन मंत्रालयों ने एक संयुक्त प्रेस कॉंफ्रेंस कर स्थिति की जानकारी दी.
इस प्रेस कॉंफ्रेंस को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबोधित किया.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से बताया गया कि देश में पेट्रोल-डीज़ल की कोई कमी नहीं है. इसके साथ ही यह स्वीकार किया गया कि एलपीजी को लेकर दबाव है लेकिन साथ ही अपील की गई कि घबराहट में बुकिंग न करें.
मंत्रालय ने यह भी बताया कि एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक इंतज़ाम भी किए जा रहे हैं. इनमें कैरोसीन की सप्लाई बढ़ाना और कोयले का इंतज़ाम करना भी शामिल है.
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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफ़ाइनरी) सुजाता शर्मा ने संयुक्त प्रेस कॉंफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "जहां तक क्रूड का सवाल है हमारे पास 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफ़ाइनिंग कैपेसिटी है. रिफ़ाइन किए गए पेट्रोल और डीज़ल के उत्पादन में हम आत्मनिर्भर हैं. इसलिए हमें इनका आयात करने की ज़रूरत नहीं है."













