
मैतेई पांगल: मणिपुर में संघर्ष के बीच फंसा मुस्लिम समुदाय
BBC
मैतेई पांगल- यानी मणिपुर के वे मुसलमान जो 17वीं सदी में यहाँ आए और फिर यहीं के हो कर रह गए. साल 2023 में जब मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई, उस वक़्त इस मैतेई पांगल समुदाय ने ख़ुद को इस संघर्ष के बीच खड़ा पाया.
पिछले क़रीब तीन सालों से मणिपुर का ज़िक्र लगातार अशांति, जातीय तनाव और हिंसा के चक्र के साथ जुड़ा रहा है. इन सबके बीच हम मैतेई और कुकी समुदायों की चर्चा लगातार सुनते रहे हैं.
लेकिन इन्हीं चर्चाओं के बीच एक ऐसा समुदाय भी है जिसकी आवाज़ बहुत कम सुनाई देती है.
इस समुदाय का नाम है मैतेई पांगल- यानी मणिपुर के वे मुसलमान जो 17वीं सदी में यहाँ आए और फिर यहीं के हो कर रह गए.
साल 2023 में जब मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई, उस वक़्त इस मैतेई पांगल समुदाय ने ख़ुद को इस संघर्ष के बीच खड़ा पाया.
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मई 2023 में शुरू हुई हिंसा में कम से कम 260 लोगों की मौत हुई और क़रीब 60 हज़ार लोग बेघर हुए हैं.
हिंसा की जड़ में मैतेई समुदाय की उस माँग को माना गया जिसमें वे आधिकारिक 'जनजातीय' दर्जा चाहते थे. ऐसा दर्जा जो उन्हें सरकारी लाभ और आरक्षण का अधिकार देता, जैसा कि कुकी जैसे अन्य जनजातीय समुदायों को मिलता है.













