
भारत में पिछले 10 साल में दोगुने हुए एलपीजी कस्टमर, आयात तीन गुना बढ़ा, उत्पादन का क्या हाल?
BBC
बीबीसी ने पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के आंकड़ों का विश्लेषण किया. भारत में एलपीजी की खपत और उत्पादन पर क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े?
अमेरिका और इसराइल की ईरान के साथ जंग जारी है. जैसे-जैसे यह संघर्ष बढ़ रहा है, इसका असर दुनिया के उन हिस्सों में भी दिख रहा है जो सीधे तौर पर इस जंग में शामिल नहीं हैं.
भारत के कई शहरों में पिछले कुछ दिनों से लिक्विफ़ाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के लिए लंबी कतारें देखी गई हैं. लॉज में रहने वाले और ख़ुद खाना बनाने वाले स्टूडेंट्स परेशान हैं. कई मेस सुविधाएं बंद हो रही हैं.
भारत में रेस्तरां और होटलों के बंद होने की रिपोर्ट्स आ रही हैं क्योंकि एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है. कुछ रसोइयों में मेन्यू छोटे हो गए हैं और गरम खाना ग़ायब हो गया है. कई जगहों पर लकड़ी जलाकर खाना पकाने की भी रिपोर्ट्स हैं.
बीबीसी पहले भी रिपोर्ट कर चुका है कि फ़र्टिलाइज़र्स और सिरेमिक जैसे दूसरे उद्योगों में भी उत्पादन प्रभावित हुआ है और संभावित तौर पर इनके बंद होने की चेतावनी दी गई है.
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इस बीच, कांग्रेस पार्टी समेत विपक्ष के सांसदों ने गुरुवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. इंडिया गठबंधन के नेताओं ने एलपीजी के मुद्दे पर संसद में बहस की मांग की है.
उधर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने 12 मार्च को लोकसभा में कहा कि पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन, एटीएफ़ या फ़्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस की सप्लाई भी स्थिर है. वहीं, एलपीजी के बारे में उन्होंने कहा, "घरेलू सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है."













