
ड्रोन और एआई तकनीक किस तरह से हाथियों को ट्रेन की चपेट में आने से बचा रही है
BBC
तमिलनाडु के एक वन अभयारण्य में हाथियों को रेलवे ट्रैक के पास आने से रोकने के लिए एआई तकनीक, ड्रोन कैमरों और निगरानी ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए एक नई परियोजना शुरू की गई है.
कोयंबटूर वन अभयारण्य में हाथियों को रेलवे ट्रैक के पास आने से रोकने के लिए एआई तकनीक, मानवरहित ड्रोन कैमरों और निगरानी ड्रोन की मदद से एक नई परियोजना शुरू की गई है.
बीबीसी तमिल की एक पड़ताल से पता चला है कि ये ड्रोन चौबीसों घंटे दो रेलवे ट्रैक की निगरानी करते हैं और रेलवे ट्रैक के पास आने वाले हाथियों को भगाने के लिए सायरन का इस्तेमाल करते हैं.
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2010 से 2024 के बीच ट्रेनों से टकराकर 186 हाथियों की मौत हुई.
रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, रेल मंत्रालय और राज्य वन विभागों की ओर से की गई एक संयुक्त स्टडी में पाया गया कि 77 रेलवे लाइनों पर वन्यजीवों की मृत्यु दर बहुत अधिक थी.
साथ ही इस स्टडी में कई ढांचागत बदलावों और संशोधनों की सिफ़ारिश की गई थी.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इस स्टडी में पाया गया कि तमिलनाडु-केरल सीमा पर वन क्षेत्रों में स्थित दो रेलवे लाइनों पर ट्रेन से टकराने के कारण हाथियों की बड़ी संख्या में मौतें हुईं.













