
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष से क्यों चिंतित हैं हिमाचल के ये दो क़स्बे?
BBC
मध्य-पूर्व में छिड़ी जंग का असर हिमाचल प्रदेश के दो टूरिस्ट क़स्बों पर पड़ रहा है. यहां हज़ारों की संख्या में इसराइली पर्यटक पहुँचते हैं.
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों में इन दिनों एक अजीब-सी ख़ामोशी छाई हुई है.
धर्मशाला के पास मौजूद 'मिनी इसराइल' कहे जाने वाले धर्मकोट और कुल्लू की पार्वती वैली में बसे कसोल में दशकों से इसराइली बैकपैकर्स की चहल-पहल रहती थी.
अब ये दोनों क़स्बे लगभग सुनसान पड़े हैं.
न केवल यहां ठहरे इसराइली पर्यटक घर की चिंता में डूबे हैं, बल्कि इस संघर्ष से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी भारी नुक़सान हो रहा है.
28 फ़रवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध का असर हिमाचल के इन दो क़स्बों पर साफ़ दिख रहा है.
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इसराइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेता मारे गए हैं. इसके जवाब में ईरान ने इसराइल, खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.













