
कोलकाता के आरजी कर रेप मामले में परिवार ने महिला की तस्वीर जारी की, बीबीसी को पिता ने बताई वजह
BBC
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन महिला के माता-पिता ने अपनी बेटी की तस्वीर सार्वजनिक की है. इसमें महिला का चेहरा नहीं छिपाया गया है. इसके पीछे क्या वजह है उसके बारे में महिला के पिता ने बीबीसी को बताया है.
सोशल मीडिया पर एक फ़ैमिली की तस्वीर तेज़ी से वायरल हो रही है. एक युवा महिला अपने माता-पिता के साथ मुस्कुराते हुए खड़ी है.
यह किसी पारिवारिक कार्यक्रम में ख़ुशी के मौक़े की तस्वीर लगती है. ऊपर से देखने पर यह एक सामान्य तस्वीर है, लेकिन इसका असर असाधारण रहा है.
तस्वीर में दिख रहीं महिला वही डॉक्टर हैं जिनके साथ 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के सरकारी अस्पताल आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में रेप हुआ था और उनकी हत्या कर दी गई थी.
इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था. तब से महिला का नाम सार्वजनिक न करके उन्हें ज़्यादातर "अभया" या "तिलोत्तमा" जैसे प्रतीकात्मक नामों से पुकारा जाता रहा है. यौन उत्पीड़न के मामलों में महिला की पहचान छिपाना क़ानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है.
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अब घटना के एक साल से ज़्यादा समय बाद महिला के माता-पिता ने अपनी बेटी की पहचान सार्वजनिक करने का फ़ैसला किया है और उनकी तस्वीर साझा की है.
माता-पिता का कहना है कि उनका संदेश साफ़ है- "जब तक न्याय अधूरा है, महिला को गुमनाम रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए."













