
समुद्र में चीनी पनडुब्बियों का निकलेगा दम, भारत खरीदने जा रहा ये खतरनाक हथियार
Zee News
दुनिया में बदलते परिदृश्य और वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए भारतीय नौसेना (Indian Navy) भी अपनी तैयारियां बढ़ाने में जुटी है.
नई दिल्ली: दुनिया में बदलते परिदृश्य और वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए भारतीय नौसेना (Indian Navy) भी अपनी तैयारियां बढ़ाने में जुटी है. इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका के साथ बड़ा करार किया है.
मंत्रालय के मुताबिक भारतीय नौसेना (Indian Navy) के पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान (Anti-Submarine Plane) पी-8आई को और घातक बनाया जाएगा. इसके लिए 423 करोड़ रुपये की लागत से एमके 54 टॉरपीडो की खरीद की जाएगी. साथ ही चाफ और फ्लेयर्स जैसे एक्सपेंडेबल भी खरीदे जाएंगे. इसके लिए अमेरिका की सरकार के साथ करार किया गया है.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










