
सब कुछ सेट, जीत तय थी... कौन है ईडन में भारत की हार का विलेन? कैसे तीसरे दिन मैच हाथ से फिसला
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भारतीय टीम को शुभमन गिल की भी कमी खली, जो गर्दन में ऐंठन के चलते पहली पारी में रिटायर्ड हर्ट हुए. जबकि दूसरी पारी में उन्होंने बल्लेबाजी नहीं की. शुभमन तो एक्शन में नहीं दिखे, लेकिन बाकी के बल्लेबाजों ने खासा निराश किया.
भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के हाथों कोलकाता टेस्ट मैच में 30 रनों से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. भारतीय टीम चौथी पारी में 124 रनों का टारगेट भी चेज नहीं कर पाई और मुकाबला गंवा दिया. इस हार के चलते भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई. टेस्ट सीरीजा का आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है.
भारतीय टीम जब 124 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी तो फैन्स को उम्मीद थी कि ये लक्ष्य आसानी से चेज हो जाएगा. लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने निराश किया. भारतीय टीम शुरू से ही विकेट खोती रही. कप्तान शुभमन गिल चूंकि गर्दन में ऐंठन के चलते बैटिंग करने के लिए उपलब्ध नहीं थे, ऐसे में स्टैंडिंग कैप्टन ऋषभ पंत पर बड़ी जिम्मेदारी थी. पंत जिस प्रकार का शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए, वो निराशाजनक रहा. ध्रुव जुरेल ने भी बड़ा शॉट मारने के चक्कर में अपना विकेट गंवाया.
रनचेज में जब कुलदीप यादव के रूप में भारत का सातवां विकेट गिरा, तो अक्षर पटेल ने आक्रामक रवैया अख्तियार किया. पारी के 35वें ओवर में अक्षर ने केशव महाराज की गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाया. उस ओवर में 16 रन बन चुके थे, तो अक्षर को बड़ा शॉट खेलने के बजाय अब समझदारी दिखानी चाहिए थी और एक रन लेना चाहिए थे क्योंकि साथ बल्लेबाज जसप्रीत बुमराह थे. लेकिन पांचवीं गेंद पर अक्षर ने फिर बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया और मिडविकेट रीजन की तरफ लपके गए. अक्षर के आउट होने के साथ ही भारतीय उम्मीदें समाप्त हो गईं. उस ओवर की आखिरी गेंद पर मोहम्मद सिराज चलते बने और मुकाबला हाथ से पूरी तरह निकल गया.
बावुमा से तो सीख लेते भारतीय बैटर्स! भारतीय टीम की हार की वजह बल्लेबाजी ही रही. पहली पारी में भी भारत 189 रन ही बना सका था और उसे सिर्फ 30 रनों की लीड मिली थी. भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन खेलने की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं. पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने होम कंडीशन्स में 0-3 से टेस्ट सीरीज गंवा दिया था.
अब साउथ अफ्रीकी स्पिनर्स खासकर साइमन हार्मर के आगे भारतीय बल्लेबाजों ने एक तरह से सरेंडर कर दिया. हार्मर ने दोनों पारियों में चार-चार विकेट लिए. भारतीय बल्लेबाज साउथ अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा से सीख सकते थे, जिन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए दूसरी पारी में नाबाद 55 रन बनाकर टीम को उबारा.
साउथ अफ्रीका ने 124 का टारगेट डिफेंड किया, जो भारत में टेस्ट मैचों में डिफेंड किया गया दूसरा सबसे कम लक्ष्य था. साथ ही टेस्ट क्रिकेट में ऐसा दूसरा न्यूनतम टारगेट था, जिसे भारतीय टीम हासिल नहीं कर पाई. इसके अलावा साउथ अफ्रीका की ओर से टेस्ट क्रिकेट में बचाव किया गया ये दूसरा सबसे कम टारगेट रहा.

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