
सऊदी, कतर, ओमान ने ईरान पर हमले के खिलाफ ट्रंप को दी वॉर्निंग! तेल को लेकर क्या कहा?
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ट्रंप प्रशासन ईरान पर सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. इस बीच अरब देशों ने अमेरिका को ईरान पर हमला न करने की चेतावनी दी है. इनमें सऊदी अरब, कतर और ओमान शामिल हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से ईरान के मामले में अब चुप्पी साधे रखी है.
ट्रंप प्रशासन ईरान पर हमले की तैयारी में है. ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच ट्रंप प्रदर्शनकारियों से अपना विरोध जारी रखने की अपील कर रहे हैं. उन्होंने ईरान के प्रदर्शनकारियों से एक बार फिर कहा है कि मदद रास्ते में है जिसे लेकर ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ गया है. ट्रंप की इन धमकियों के बीच अरब के बड़े देशों ने अमेरिका को ईरान पर हमला न करने की वॉर्निंग दी है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अरब देशों की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप और व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा था कि सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के प्रतिद्वंद्वी खाड़ी देशों ने दिसंबर के अंत से ईरान में फैल रहे विरोध प्रदर्शनों पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने से काफी हद तक परहेज किया है. इन प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों के मारे जाने की खबर है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब, ओमान और कतर ने व्हाइट हाउस को बताया है कि ईरानी शासन को गिराने की कोशिश करना भी वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर कर देगा और अंततः इसका नुकसान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ही होगा.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ट्रंप इन चेतावनियों को मानेंगे, इसकी संभावना बेहद कम है. अधिकारी के अनुसार, 'राष्ट्रपति किसी भी मुद्दे पर कई तरह की राय सुनते हैं, लेकिन अंततः वही फैसला लेते हैं जो उन्हें सबसे बेहतर लगता है.'
इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए 'मदद रास्ते में है.'

राजदूतों को तलब करने का ये कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी हैं. बता दें कि पिछले हफ्तों में विदेशों के कई देशों ने प्रदर्शनकारियों के लिए सकारात्मक बयान दिए थे, जिससे तेहरान प्रशासन नाराज चल रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हम शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट का समर्थन करते हैं, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को नहीं.

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह देते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. ईरान में पिछले दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच यह अलर्ट जारी हुआ है. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार पेंटागन साइबर अटैक के साथ-साथ ईरान के घरेलू सुरक्षा निकायों और बैलेस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमले के विकल्पों पर विचार कर रहा है.

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार हो रहे हैं. हाल ही में चटगांव के डागनभुइयां में 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर दास की चाकू से हत्या कर दी गई. समीर पेशे से ऑटो चालक था, हत्या करने वाले उसके ऑटो को भी चुरा कर फरार हो गए. पुलिस ने बताया कि यह हत्या देशी कट्टे से की गई है और यह मामला सुनियोजित लगता है.










