
रजा पहलवी के साथ सीक्रेट मीटिंग, ट्रंप का वॉर प्लान, तेहरान का पलटवार... ईरान में क्या होने जा रहा?
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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत खत्म होने का संकेत दिया है. व्हाइट हाउस में सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई. वहीं, तेहरान ने ट्रंप और इजरायल पर सीधे आरोप लगाते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है.
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े और खतरनाक संकेत दिए हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को व्हाइट हाउस में शीर्ष अधिकारियों की बैठक हुई, जहां संभावित स्ट्राइक ऑप्शंस को लेकर मंथन किया गया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अब तेहरान के साथ बातचीत का दौर खत्म हो चुका है. सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है. इसे ईरान के खिलाफ सख्त रुख और आगे की सैन्य या राजनीतिक कार्रवाई के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि अमेरिका ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की मदद कर सकता है. हालांकि, ट्रंप प्रशासन के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद सामने आ रहे हैं. कई राजनीतिक सहयोगी एक और हाई रिस्क सैन्य ऑपरेशन या व्यापक युद्ध की आशंका जता रहे हैं. उनका मानना है कि इससे ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ विदेश नीति को भारी नुकसान हो सकता है, जिसे उन्होंने अपने चुनावी अभियान का आधार बनाया था.
रजा पहलवी के साथ सीक्रेट मीटिंग
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पिछले दिनों ईरान के निर्वासित पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के साथ सीक्रेट मीटिंग की. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह बैठक ईरान में पिछले 15 दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर हुई.
यह बैठक इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद यह ट्रंप प्रशासन और ईरानी विपक्ष के बीच पहली हाई लेवल बातचीत है. रेजा पहलवी खुद को संभावित ‘संक्रमणकालीन नेता’ के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, अगर मौजूदा ईरानी शासन गिरता है.

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह देते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. ईरान में पिछले दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच यह अलर्ट जारी हुआ है. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार पेंटागन साइबर अटैक के साथ-साथ ईरान के घरेलू सुरक्षा निकायों और बैलेस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमले के विकल्पों पर विचार कर रहा है.

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