
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन रोका, तेहरान को बातचीत का एक और ऑफर
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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और सैकड़ों मौतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बड़े फैसले के मोड़ पर हैं. सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के साथ ही ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दबाव बढ़ा दिया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में हजारों लोगों के प्रति सरकार की क्रूर कार्रवाई के खिलाफ तुरंत सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया है. ईरान की तरफ से बैक-डोर बातचीत के संदेशों को समझने पर ध्यान दे रहे हैं. एपी के मुताबिक, व्हाइट हाउस को तेहरान से जो निजी संदेश मिल रहे हैं वे सार्वजनिक बयान से अलग हैं, और वे इनकी "पड़ताल" कर रहे हैं, ताकि हालात का समाधान ढूंढा जा सके.
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने से नहीं झिझकेंगे. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा भी की है. ईरान में हो रहे प्रदर्शनों पर सरकारी कार्रवाई में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस बीच ट्रंप प्रशासन यह विचार कर रहा है कि क्या ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया जाए.
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डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का इस्तेमाल करती है, तो यह अमेरिका की 'रेड लाइन’ होगी. ट्रंप का कहना है कि ईरान इस सीमा को "पार करने की ओर बढ़ रहा है." इसी वजह से व्हाइट हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के भीतर "बहुत सख्त विकल्पों" पर विचार किया जा रहा है.
हालांकि, फिलहाल अमेरिकी सेना को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के कुछ अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत के संकेत भेज रहे हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, "ईरानी शासन सार्वजनिक रूप से जो कह रहा है, वह निजी तौर पर भेजे जा रहे संदेशों से अलग है. राष्ट्रपति उन संदेशों को गंभीरता से परखना चाहते हैं." उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्प अपनाने से नहीं हिचकेंगे और यह बात ईरान अच्छी तरह जानता है.
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