
'प्रोटेस्ट जारी रखो, मदद भेज रहा हूं', ईरान के प्रदर्शनकारियों को ट्रंप ने उकसाया
AajTak
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात और भड़का दिए हैं. ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की और कहा कि मदद भेजी जा रही है. इसी बीच ईरानी अधिकारियों ने दो हफ्तों में करीब 2,000 लोगों की मौत का दावा किया है.
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है. मंगलवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान के लोगों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की. उन्होंने लिखा, "ईरानी देशभक्तों, प्रोटेस्ट जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो. मदद रास्ते में है." हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मदद किस तरह की होगी.
ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक प्रदर्शनकारियों की "बेतुकी हत्याएं" बंद नहीं होतीं, तब तक उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी तरह की बातचीत रद्द कर दी है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान की धार्मिक नेतृत्व वाली सरकार हाल के वर्षों के सबसे बड़े जन आंदोलनों से निपटने के लिए सख्ती बढ़ा रही है.
यह भी पढ़ें: 'वो प्रदर्शनकारी नहीं, हमलावर थे…' ईरान का पश्चिमी देशों पर दखल का आरोप, दिखाया वीडियो
ईरान में यह अशांति गंभीर आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी के चलते भड़की है. यह पिछले कम से कम तीन वर्षों में ईरानी सत्ता के लिए सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती मानी जा रही है. हालात ऐसे समय में बिगड़े हैं, जब इजरायल और अमेरिका की ओर से पिछले साल किए गए सैन्य हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव पहले से ही बढ़ा हुआ है.
मंगलवार को एक ईरानी अधिकारी ने पहली बार स्वीकार किया कि दो हफ्तों से ज्यादा समय से चल रहे प्रदर्शनों में करीब 2000 लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों दोनों की मौत के पीछे "आतंकवादी तत्व" जिम्मेदार हैं. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि मरने वालों में आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या कितनी है.
इस बीच सोमवार को ट्रंप ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश के उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई समेत अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








