
विरोध की आग में धधक रहा ईरान... खामेनेई की इस वॉर्निंग के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ी
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ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन जारी हैं, जिनमें अब तक 648 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका ने ईरान में सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दी है, जबकि ईरान ने जवाबी चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा.
ईरान में बगावत की आग धधक रही है जहां जनता खामेनेई शासन के खिलाफ पीछे हटने को तैयार नहीं है. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में अब तक 648 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान में हो रहे आंदोलन को अमेरिका खुला समर्थन दे रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि वो ईरान में हस्तक्षेप कर सकते हैं. अमेरिका की इन धमकियों के बीच अब ईरान ने कहा है कि अगर उस पर हमला होता है तो वो चुप नहीं बैठेगा, वो भी युद्ध के लिए तैयार है.
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने सोमवार को अमेरिका को एक बार फिर चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका अशांति से जूझ रहे ईरान में हस्तक्षेप करता है, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जाएगा.
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी के अनुसार, कालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा, 'आइए और देखिए कि क्षेत्र में अमेरिकी जहाजों और सैन्य ठिकानों का क्या हाल होता है. आइए और ईरानी राष्ट्र की आग में इस कदर जलिए कि यह इतिहास में सभी दमनकारी अमेरिकी शासकों के लिए एक स्थायी सबक बन जाए. अगर आप कुछ करते हैं तो समझ ही जाएंगे कि आपके साथ और इस क्षेत्र के साथ क्या होगा.'
अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान में प्रदर्शनों को देखते हुए वहां सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा था, 'सेना इस पर नजर बनाए हुए है और हम कुछ बेहद कड़े विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. हम फैसला करेंगे.'
ईरान में देशभर में जारी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 646 हो गई है. हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या इसके कई गुना अधिक हो सकती है.
यह आंकड़ा अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) की ओर से जारी किया गया है. यह समूह पिछले कई सालों के प्रदर्शनों के दौरान लगातार सटीक जानकारी देता रहा है. एजेंसी ईरान के भीतर सक्रिय एक्टिविस्ट्स के एक नेटवर्क पर निर्भर करती है, जो सभी रिपोर्ट की गई मौतों की पुष्टि करता है.

ईरान में सरकार विरोधी एंटी-खामेनेई प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले में 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी को फांसी देने की तैयारी की खबर है, जिसे मौजूदा देशव्यापी आंदोलन से जुड़ी पहली फांसी बताया जा रहा है. सुल्तानी को 8 जनवरी को तेहरान के पास कराज में प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को उसकी फांसी तय है.

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा की घोषणा की है. इससे जर्मनी के एयरपोर्ट के जरिए किसी तीसरे देश की यात्रा करने वाले भारतीयों को अब ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा. यह फैसला जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की 12-13 जनवरी की भारत यात्रा के बाद जारी भारत-जर्मनी संयुक्त बयान में लिया गया.

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