
'वो प्रदर्शनकारी नहीं, हमलावर थे…' ईरान का पश्चिमी देशों पर दखल का आरोप, राजदूतों को दिखाया वीडियो
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राजदूतों को तलब करने का ये कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी हैं. बता दें कि पिछले हफ्तों में विदेशों के कई देशों ने प्रदर्शनकारियों के लिए सकारात्मक बयान दिए थे, जिससे तेहरान प्रशासन नाराज चल रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हम शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट का समर्थन करते हैं, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को नहीं.
ईरान की सरकार ने देश में जारी विरोध-प्रदर्शनों को अब शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं बल्कि संगठित हिंसा और तोड़फोड़ करार दिया है. तेहरान में मंगलवार को मंत्रालयों में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और फ्रांस के राजदूतों को बुलाकर दावा किया कि प्रोटेस्ट के नाम पर कुछ समूहों ने जानबूझकर हिंसा की और देश की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया.
ये जानकारी एक आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा किए गए एक बयान से मिली, जिसमें विदेश मंत्रालय द्वारा राजदूतों को दिखाए गए डॉक्यूमेंटेड फुटेज का हवाला दिया गया है.
ट्विटर पोस्ट में कहा गया है कि राजदूतों को दिखाए गए इन फुटेज में विरोध प्रदर्शनों से आगे बढ़कर आयोजनबद्ध तोड़फोड़, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दृश्यों को शामिल किया गया, जिन्हें ईरानी विदेश मंत्रालय ने 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सीमा से बाहर' बताया.
विदेश मंत्रालय ने राजदूतों से कहा कि वे इन फुटेज को अपने-अपने विदेश मंत्रियों तक पहुंचाएं और उन आधिकारिक बयानों या सहयोग घोषणाओं को वापस लेने के लिए अनुरोध करें जिनमें पिछले दिनों तक प्रोटेस्टर्स के पक्ष में समर्थन दिखाया गया था.
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 'कोई भी राजनीतिक या मीडिया समर्थन' ईरान के आंतरिक मामलों में 'स्पष्ट हस्तक्षेप' है और इससे देश की आंतरिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है.

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