
शिवम दुबे का टी20 इंटरनेशनल में जीत का क्रम टूटा... जसप्रीत बुमराह की अजेय लकीर भी खत्म
AajTak
बैटिंग ऑलराउंडर शिवम दुबे भारतीय टीम के लिए लकी चार्म माने जाते हैं. शिवम दुबे के प्लेइंग-11 में रहते भारतीय टीम लगातार 37 मुकाबलों में अजेय रही, जो टी20 इंटरनेशनल में एक रिकॉर्ड है.
भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टी20 मैच में 4 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. एमसीजी (मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड) में हुए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए महज 126 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 80 गेंदों में हासिल कर लिया. सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के चलते बेनतीजा रहा था. अब अगला मुकाबला 2 नवंबर (रविवार) को होबार्ट में खेला जाना है.
मेलबर्न टी20 मैच में भारत की हार के साथ ही शिवम दुबे और जसप्रीत बुमराह की इस फॉर्मेट में अजेय लकीर भी टूट गई. दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ सालों में जितने भी टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले थे, उसमें भारत हारा नहीं था. शिवम दुबे की विनिंग स्ट्रीक 37 मैचों तक चली, जो टी20 इंटरनेशनल में किसी भी खिलाड़ी की सबसे लंबी स्ट्रीक थी.
यह भी पढ़ें: गंभीर का एक्सपेरिमेंट फुस्स... केवल अभिषेक चले, 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके
इस मामले में युगांडा के पास्कल मुरुंगी दूसरे नंबर पर हैं, जिनके रहते युगांडा की टीम लगातार 27 टी20 इंटरनेशनल मैचों में हारी नहीं थी. शिवम दुबे के प्लेइंग-11 में रहते भारत की पिछली टी20 हार दिसंबर 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में आई थी. उसके बाद से शिवम जिन 37 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे, उसमें 'मेन इन ब्लू' हारी नहीं.
वहीं जसप्रीत बुमराह के प्लेइंग-11 में रहते भारतीय टीम ने लगातार 24 टी20 इंटरनेशनल मैचों में हार का सामना नहीं किया. बुमराह के रहते भारतीय टीम की पिछली टी20 हार अक्टूबर 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ दुबई में आई थी. इन दोनों के अलावा इस लिस्ट में मनीष पांडे (20) और मोहम्मद शाहजाद (19) जैसे नाम भी शामिल हैं. मेलबर्न में मिली हार के साथ शिवम और बुमराह की स्ट्रीक भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन इनका रिकॉर्ड आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा.
किसी खिलाड़ी का सबसे लंबा अजेय क्रम (टी20 इंटरनेशनल) 37 शिवम दुबे (2019-25) 27 पास्कल मुरुंगी (2022-24*) 24 जसप्रीत बुमराह (2021-25) 20 मनीष पांडे (2018-20*) 19 मोहम्मद शहजाद (2016-21)

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












