
शख्स ने दुकान बेच खरीदी राइफल, फिर सेना के खिलाफ उतरा मैदान में
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म्यांमार सेना का जुल्म जारी है. वहां की सेना आंदोलनकारियों के दमन की हरसंभव कोशिश कर रही है. वहां के सामान्य नागरिक भी अब सेना के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं.
म्यांमार में फरवरी महीने में चुनी हुई सरकार का तख्तापलट करने के बाद वहां सेना का जुल्म जारी है. वहां की सेना आंदोलनकारियों के दमन की हरसंभव कोशिश कर रही है. वहां के सामान्य नागरिक भी अब सेना के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं. इसी कड़ी में एक हेयर ड्रेसर भी सेना के खिलाफ उतर गया. इसके लिए उसने अपनी दुकान ही बेच दी. Photo Credit: Alfie दरअसल, 'रेडियो फ्री एशिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यंगून शहर में अपनी सैलून चला रहा अल्फी एक आरामदायक जिंदगी जी रहा था. वह अभी तक सिर्फ लोगों के बाल काटता था और टिकटॉक पर अपने वीडियो बनाता था. लेकिन अचानक उसने 'अन्याय' के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी. Photo Credit: Alfie
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









