
लाचारी में झुके इमरान खान, लेना पड़ा ये शर्मनाक फैसला
AajTak
पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक के नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी के विरोध में कई शहरों में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच इमरान खान की सरकार ने फ्रांसीसी राजदूत को देश निकाला देने के लिए प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है.
पाकिस्तान की सरकार ने कट्टरपंथियों के दबाव में आकर तहरीक-ए-लब्बैक के नेता साद रिजवी को कोट लखपत जेल से रिहा कर दिया है. इमरान खान की सरकार के लिए इसे शर्मनाक फैसला कहा जा रहा है क्योंकि रिजवी की गिरफ्तारी के खिलाफ पुलिस बल भी सामने आने लगे थे. इमरान खान को मजबूरी में रिजवी को रिहा करना पड़ा. संभव है कि आने वाले दिनों में रिजवी की अन्य मांगों को भी इमरान खान मानने के लिए मजबूर होंगे. तहरीक-ए-लब्बैक द्वारा जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच इमरान खान की सरकार ने फ्रांसीसी राजदूत को देश निकाला देने के लिए प्रस्ताव लाने का भी ऐलान किया है. इस संबंध में इमरान सरकार आज फैसला करेगी. दरअसल, फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दोबारा प्रकाशित किए जाने के बाद से ही तहरीक-ए-लब्बैक ने पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिए थे. जब इमरान खान की सरकार ने लब्बैक के नेता साद रिजवी को गिरफ्तार कर लिया तो प्रदर्शनों में हिंसा भड़क उठी. (फोटो-PTI) इमरान खान की दुविधा और मजबूरी सोमवार को दिए गए उनके बयान से भी जाहिर होती है. तहरीक-ए-लब्बैक के हिंसक प्रदर्शनों की तरफ इशारा करते हुए पीएम इमरान खान ने कहा, पाकिस्तान में यह एक बड़ा दुर्भाग्य है कि हमारे राजनीतिक दल और धार्मिक दल इस्लाम का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं और इसका इस्तेमाल ऐसे करते हैं कि वे अपने ही देश को नुकसान पहुंचाते हैं. हालांकि, कट्टरपंथियों के बढ़ते दबाव के बीच इमरान खान की सरकार ने लब्बैक की दूसरी मांगों पर भी अमल करना शुरू कर दिया है.
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5 दिनों के युद्ध विराम के दावे की धज्जियां उड़ा दी है. रेजाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ जंग थमेगी नहीं बल्कि और तेज होगी साथ ही उन्होनें चेतावनी दी कि अगर ईरान के इंफ्स्ट्रराक्चर को अगर छुआ भी गया तो अमेरिका को गहरी चोट मिलेगी.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं.इधर इराक बगदाद में विक्टोरिया हवाई अड्डे पर हुए हमले का वीडियो सामने आया है. जानकारी के मुताबिक इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस ने विक्टोरिया बेस को निशाना बनाकर हमला किया. यहां पर अमेरिकी सेना तैनात है.

इजरायल पर ईरान के हमले जारी हैं. ईरान ने ऐसे ही एक हमले का वीडियो जारी किया है. ये वीडियो तेल अवीव पर मिसाइल दागने का बताया जा रहा है. इजरायल की एम्बुलेंस सर्विस की मानें तो ईरानी मिसाइल हमलों में इजरायल में 16 लोग मारे गए हैं. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में ईरानी मिसाइल हमले में 4 फिलिस्तीनी महिलाओं की मौत हो गई.

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.







