
US की आजादी के 250 साल... जश्न में शामिल होगा भारतीय नौसेना का जहाज INS सुदर्शिनी
AajTak
भारत और अमेरिका के बीच गहराते रणनीतिक रिश्तों की झलक अब न्यूयॉर्क के समुद्र में दिखाई देगी. अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित होने वाले 'सेल 250' (Sail 250) कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप INS सुदर्शिनी हिस्सा लेगा.
भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग जहाज INS सुदर्शिनी (A77) 4 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क हार्बर में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक जश्न में शामिल होगा. वॉशिंगटन से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत 30 देशों के उन विशिष्ट राष्ट्रों की सूची में शामिल है, जो इस विशाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री परेड का हिस्सा बनेंगे.
राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन में 50 से ज्यादा क्लास ए और बी के बड़े जहाज, अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और हजारों नागरिक नावें हिस्सा लेंगी. यह भव्य परेड वेराज़ानो ब्रिज से जॉर्ज वॉशिंगटन ब्रिज तक आयोजित की जाएगी, जहां जहाज राष्ट्रपति की समीक्षा से गुजरेंगे और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को सलामी देंगे.
सुदर्शिनी के साथ फ्रांस, जर्मनी, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों के नौसैनिक प्रशिक्षण जहाज भी इस परेड की शोभा बढ़ाएंगे. यह भागीदारी भारत की बढ़ती नौसैनिक कूटनीति और अमेरिका के साथ साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है.
आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा समुद्री उत्सव
आयोजकों के मुताबिक, 2026 का यह कार्यक्रम पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा. 'Sail4th 250' के अध्यक्ष क्रिस ओ'ब्रायन ने कहा कि न्यूयॉर्क में होने वाला यह जश्न ऐतिहासिक होगा. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय नौसेना समीक्षा (INR250), अमेरिकी नौसेना के 'ब्लू एंजल्स' का हवाई प्रदर्शन और शानदार आतिशबाजी होगी. न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के तटों पर करीब 80 लाख दर्शकों के जुटने की उम्मीद है. इस आयोजन से न्यूयॉर्क शहर को करीब 2.85 बिलियन डॉलर का आर्थिक लाभ होने का अनुमान लगाया गया है.
INS सुदर्शिनी: भारत का समुद्री दूत

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








