
रावण, बाबर, औरंगजेब, हिरण्याकश्यप और कंस...सनातन के विरोधियों को जवाब देने के लिए CM योगी ने गिनाए ये नाम, हमले की 10 बड़ी बातें
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सनातन पर डीएमके नेताओं के बयानों ने बीजेपी को विपक्ष को घेरने का मौका दे दिया. पीएम मोदी ने बुधवार को बैठक में मंत्रियों से कहा कि सनातन धर्म पर उदयनिधि के बयान का सही से जवाब दिया जाए. इसके बाद सीएम योगी ने गुरुवार को उदयनिधि के बयान को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा.
'सनातन' पर सियासी घमासान तेज हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद बीजेपी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के सनातन वाले बयान पर हमलावर हो गई है. खास बात ये है कि बीजेपी के निशाने पर सिर्फ उदयनिधि या डीएमके ही नहीं बल्कि पूरा विपक्षी गठबंधन है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सनातन के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को पुराने अंदाज में घेरते नजर आए. सीएम योगी ने रावण, बाबर से कंस तक के नाम गिनवा डाले और सनातन पर हमले को मानवता को संकट में डालने का प्रयास बता दिया.
दरअसल, ये पूरा सियासी बवाल उदयनिधि के बयान से शुरू हुआ. उदयनिधि पिछले दिनों सनातन उन्मूलन सम्मेलन शामिल होने पहुंचे थे. यहां उन्होंने कहा था, सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है. कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए. हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते. हमें इसे मिटाना है. इसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है.
उदयनिधि के बाद उनकी पार्टी के सांसद ए राजा उनसे भी एक कदम आगे निकले. उन्होंने कहा, सनातन पर उदयनिधि का रुख नरम था. उन्होंने कहा, सनातन धर्म की तुलना सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए. जबकि उदयनिधि ने सनातन की तुलना मलेरिया से की है. ए राजा ने कहा, सनातन की तुलना एचआईवी और कुष्ठ रोग जैसे सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए.
सनातन पर दक्षिण के नेताओं के इन बयानों ने बीजेपी को विपक्ष को घेरने का मौका दे दिया. पीएम मोदी ने बुधवार को बैठक में मंत्रियों से कहा कि सनातन धर्म पर उदयनिधि के बयान का सही से (तथ्यों के साथ) जवाब दिया जाए.
सीएम योगी बोले- रावण के अहंकार से नहीं मिटा सनातन
सीएम योगी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा, जब देश सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है इस समय कुछ लोगो को अच्छा नहीं लग रहा है. भारत की प्रगति, समृद्धि वैश्विक मंच पर भारत एक नए अवतार के रूप में जाना जा रहा है. पूरा देश गौरव की अनुभूति कर रहा है. इन उपलब्धियों को कमजोर करने के लिए उनके द्वारा भारत, भारतीयता और सनातन परंपरा पर उंगली उठाने का प्रयास हो रहा है. अपमानित करने का प्रयास हो रहा है. सनातन के प्रति समाज की दृष्टि को कमतर करने का प्रयास हो रहा है.

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