
'यहीं बचपन बीता, अब घर छोड़ना दर्दनाक...', जोशीमठ के दरार वाले मकान छोड़ने को राजी नहीं कई परिवार
AajTak
जोशीमठ का संकट गहराता जा रहा है. जमीन धंसने से जिन घरों में दरारें आ गई हैं, उनकी तीन स्तरों पर मार्किंग होने लगी है. जो इमारतें अतिसंवेदनशील उन्हें मंगलवार से ढहाने की शुरुआत हो गई है. सबसे पहले जोशीमठ के दो होटलों होटल मलारी इन और होटल माउंट व्यू को गिराया जा रहा है. हालांकि बहुत से ऐसे परिवार हैं, जो घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं.
जोशीमठ में इमारतों में दरारें आने की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है. यहां सोमवार को 68 और घरों में दरारें देखी गई थी. जमीन धंसने से अब यहां कुल 678 इमारतें प्रभावित हो चुकी हैं. वहीं अब तक 82 परिवारों को कस्बे में सुरक्षित पर पहुंचा दिया गया है.
वहीं राज्य के मुख्य सचिव एस एस संधू का कहना है कि इस समय एक-एक मिनट अहम है. लोगों को घरों से निकालने के लिए अफसरों को काम में तेजी लाने के लिए कहा गया है लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपना घर, होटल या अन्य इमारत खाली करने को तैयार नहीं हैं. लोग अपने घरों से मोह नहीं खत्म कर पा रहे हैं. वे उन्हें छोड़कर नहीं जाना चाह रहे. जो लोग अस्थायी जगहों में पहुंच गए हैं, वे भी अपने घरों को देखने पहुंच रहे हैं.
जगह खाली करने को तैयार नहीं लोग, छलक रहा दर्द
- जोशीमठ के जमीन धंसने से होटल मलारी इन और होटल माउंट व्यू में ऐसी दरारें आ गई हैं कि आज उन्हें ढहा जाएगा, लेकिन होटल मलारी इन के मालिक अपना होटल छोड़ने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि हमें अखबार से पता चला कि उनका होटल गिराया जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का नोटिस नहीं भेजा है.
उनका कहना है कि उन्हें जगह छोड़ने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन प्रशासन पहले उन्हें नोटिस दे और उनकी प्रॉपटी का मूल्याकन करे. उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ऐसा नहीं होता है तो पहले उनके ऊपर बुलडोलर चलाना होगा. वो अपनी जान दे देंगे लेकिन जीते जी जगह खाली नहीं करेंगे.
- रेखा का घर भी रेड जोन में है. वह हमेशा के लिए अपना घर छोड़कर जा रही हैं. उनका घर भी ढहा दिया जाएगा, इसलिए उन्होंने अपने घर की अंतिम झलियां अपने मोबाइल में रिकॉर्ड की. वह रोती रहीं और वीडियो रिकॉर्ड करती रहीं. रेखा कहती हैं कि उनका पूरा बचपन इस घर में भाई-बहनों के साथ बीता. अब इस घर को छोड़कर जाना एक दर्दनाक पल है.

लेबनान के युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग करते हुए आज तक के वरिष्ठ पत्रकार अशरफ वानी ने बताया कि जंग सिर्फ गोलियों और धमाकों की नहीं, बल्कि डर, जिम्मेदारी और सच के बीच संतुलन की लड़ाई भी है. हर दिन मौत के साये में काम करते हुए उन्होंने तबाही, विस्थापन और इंसानी पीड़ा को करीब से देखा. ईद के दिन भी रिपोर्टिंग जारी रही. यह अनुभव सिर्फ कवरेज नहीं, बल्कि ऐसे सच का गवाह बनने की जिम्मेदारी थी- जहां हर पल जिंदगी और मौत के बीच फैसला लेना पड़ता है.

राजकोट में एक डॉक्टर ने साथी डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर 3 से 4 हजार निजी वीडियो रिकॉर्ड किए. आरोपी कमल नांढा पर एकतरफा प्यार में ऐसा करने और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर 25 लाख रुपये मांगने का आरोप है. पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने 50,000 रुपये वसूल भी किए. मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है.

दिल्ली के उत्तम नगर में प्रदर्शन कर रहे हिंदूवादी संगठन के लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दरअसल, होली के मौके पर हुई युवक की हत्या के विरोध में हिंदूवादी संगठन के लोग उत्तम नगर में इकट्ठा हुए थे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. ईद को देखते हुए पहले ही उत्तम नगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है.

मथुरा में गोरक्षक फरसा बाबा की हत्या के आरोप के बाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर भारी हंगामा हुआ. आरोप है कि बीती रात विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी. फरसा बाबा की मौत की खबर फैसले ही लोगों की गुस्सा फूट पड़ा. दिल्ली-मथुरा हाईवे पर भारी हंगामा किया. देखें न्यूज बुलेटिन.

गुजरात के सूरत में घरेलू गैस (LPG) की भारी किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग ने प्रवासी मजदूरों की कमर तोड़ दी है. उधना रेलवे स्टेशन पर बिहार और यूपी जाने वाले श्रमिकों की लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि सरकारी दावों के उलट जमीनी हकीकत भयावह है. खाली चूल्हा और महंगी गैस मजदूरों को शहर छोड़ने पर मजबूर कर रही है.

तेलंगाना के हैदराबाद में दुखद घटना सामने आई है. यहां MBBS की पढ़ाई पूरी कर चुकी 23 साल की लड़की ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली. पुलिस का कहना है कि उसने बीते तीन महीने से एक बिल्ली पाल रखी थी. इसको लेकर माता-पिता ने ऐतराज जताया था. इसी को लेकर घर में चल रहे विवाद के बीच लेडी डॉक्टर ने यह कदम उठा लिया, जिससे परिवार में मातम पसर गया है.







