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'मैं संत, साधु, साध्वी नहीं हूं', जया किशोरी ने कैमरे पर दिए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों के जवाब, देखें
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Who is Jaya Kishori: जया ने उन लोगों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि उनका बैग कस्टमाइज्ड है, तथा दावा किया कि उन्होंने अपने जीवन में कभी चमड़े का उपयोग नहीं किया है.
Jaya Kishori: आध्यात्मिक वक्ता और गायिका जया किशोरी ने मंगलवार को उन आलोचकों को करारा जवाब दिया जिन्होंने उन पर पाखंड का आरोप लगाया गया था. उनका एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्हें 2 लाख रुपये का कस्टम क्रिश्चियन डायर हैंडबैग ले जाते हुए दिखाया गया था. 29 वर्षीय जया किशोरी ने कहा, 'कड़ी मेहनत करो, कमाओ और ट्रोल मत करो.' उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ भी त्याग नहीं किया है और वह एक आम लड़की हैं, साध्वी नहीं. | Kolkata: On the controversy over carrying an expensive handbag, Spiritual orator Jaya Kishori says, "One does not use brands just by looking at them. You go somewhere and if you like something, you buy it. I have some principles, one of which is that I do not use…
— ANI (@ANI)

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










