
मिसाइल हमले से पहले इजरायलियों को कैसे ऐप से पहुंच रहा अलर्ट? क्या इंडिया में भी है ऐसा सिस्टम
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इजरायल-ईरान युद्ध जारी है. दोनों ही देश एक दूसरे के शहरों पर हमला कर रहे हैं. ऐसे में कई स्थानीय लोगों को भारी नुकसान होता है और कई लोगों की जान तक चली जाती है. ऐसे में इजरायल ने अपने लोगों के लिए एक खास सिस्टम तैयार किया हुआ है. ये सिस्टम मोबाइल ऐप के साथ मिलकर काम करते हैं और मिसाइल या रॉकेट आने पर उनकी रियल टाइम जानकारी देता है. यह जानकारी कई बार 10 मिनट तक पहले मिल जाती है.
इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है. दोनों ही देश एक दूसरे के ऊपर हमला कर रहे हैं. इजरायली डेवेलपर्स ने ईरान के हमलों से आम जनता को बचाने के लिए एक खास सिस्टम तैयार किया हुआ है. इससे वहां के स्थानीय लोगों को मोबाइल में रियल टाइम अलर्ट मिलता है ताकि हमले से पहले वो शेल्टर में जा कर अपनी जान बचा सकें. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
इजरायली डेवेलपर्स ने आवाम की सुरक्षा के लिए एक Android और iOS के लिए खास ऐप्स बना रखे हैं, जो लोकेशन बेस्ड अलर्ट और सेफ्टी गाइडलाइंस जारी करते हैं.
ये जानकारी लोगों तक मोबाइल ऐप के जरिए पहुंचती है और मोबाइल पर तेज अलर्ट बजने लगता है. ये मोबाइल ऐप्स लोगों की सुरक्षा में मुस्तैद रहते हैं. इन ऐप्स का नाम Red Alert, Home Front Command App और Tzofar - Red Alert मौजूद है. ज्यादातर ऐप्स थर्ड पार्टी डेवेलपर्स के हैं, जबकि Home Front Command ऑफिशियल ऐप बताया जा रहा है.
कुछ मिनट पहले मिलता है अलर्ट
दोनों ही ऐप को iOS और Android प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं. Red Alert ऐप वैसे तो 2-3 मिनट पहले जानकारी देते हैं, कई बार कुछ लोकेशन पर 10 मिनट पहले तक जानकारी मिल जाती है.
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आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












