
माइनस तापमान, कम कपड़े और बैठने की इजाजत नहीं... पीनल कॉलोनी जेल में हर दिन ऐसे होते हैं अत्याचार के 16 घंटे
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पीनल कॉलोनी या निर्वासित कॉलोनी एक ऐसी जगह होती है, जिसका इस्तेमाल कैदियों को निर्वासित करने और उन्हें दूर किसी ऐसी जगह, जैसे कोई द्वीप या औपनिवेशिक क्षेत्र में रखकर सामान्य आबादी से अलग करने के लिए किया जाता है.
Alexey Navalny Death in Penal Colony Prison: पूरी दुनिया में एक मौत की चर्चा हो रही है. ये मौत है रूस में विपक्ष के लोकप्रिय नेता एलेक्सी नवलेनी की. वो एक ऐसे नेता था, जिनकी लोकप्रियता ने पुतिन को परेशानी में डाल दिया था. नवलेनी असल में पुतिन के कट्टर आलोचक थे. वो कई सार्वजनिक मंचों से पुतिन के खिलाफ बयान देते थे. ये बात और है कि एक बार उन्होंने भी चुनाव लड़ा था, लेकिन वो उस चुनाव में हार गए थे.
साल 2020 में दिया गया था जहर बताया जाता है कि रूस में उनकी लोकप्रियता उनके लिए जान का खतरा बन गई थी. जिसके चलते साल 2020 में उन्हें नोविचोक नर्व एजेंट नाम का जहर दे दिया गया था. लेकिन गनीमत ये रही कि उनकी जान बच गई थी. क्योंकि उन्हें फौरन एयरलिफ्ट करके जर्मनी के बर्लिन शहर में ले जाया गया था. जहां करीब पांच महीने तक उनका इलाज चला था. मगर ठीक होते ही नवलेनी फिर से साल 2021 में रूस वापस लौट गए थे. जहां उन्हें फौरन गिरफ्तार कर लिया गया था.
पुतिन पर लगाए थे गंभीर इल्जाम एलेक्सी नवलेनी की गिरफ्तारी के खिलाफ उस वक्त पूरे देश में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए थे. लेकिन रूस की सेना ने सभी प्रदर्शनों को कुचल दिया था. उस दौरान नवलेनी ने पुतिन के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया था. उन्होंने पुतिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर इल्जाम लगाए थे. नवलेनी ने बेहतर तरीके से सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया था और वे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहे थे. उनके वीडियो वायरल होने लगे थे. लोग उन्हें पसंद करने लगे थे. यही वजह थी कि सरकार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से परेशान हो रही थी.
जेल से गायब हो गए थे नवलेनी इसके बाद पुतिन को अंदाजा हो गया था कि नवलेनी की लोकप्रियता उन्हें नुकसान कर देगी. जो भविष्य में उनके सियासी जीवन के लिए अच्छा नहीं होगा. इसलिए जेल में बंद नवलेनी को मिलने वाली सुविधाएं कम कर दी गईं थी. साल 2022 में अचानक जब नवलेनी को जेल की कोठरी से गायब कर दिया गया तो उनके समर्थक भड़क गए थे. बाद में जेल अधिकारियों को सफाई देनी पड़ी थी कि उनकी जेल बदल दी गई है.
घुमते वक्त अचानक मौत इसके बाद अगस्त, 2023 में एक कोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया कि नवलेनी की परेशानी और बढ़ गईं. दरअसल, अदालत ने उनकी पहले की सजा बढ़ाकर 19 साल कर दिया था. इस फैसले के फौरन बाद उन्हें रूस की सबसे खतरनाक जेल पीनल कॉलोनी में शिफ्ट कर दिया गया. पुतिन प्रशासन के मुताबिक, 2 दिन पहले ही वहां टहलने के दौरान वो बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई. हालांकि उनकी मौत को लेकर रहस्य बना हुआ है.
जेल नहीं, मौत का घर इससे पहले भी उन्हें लेकर अफवाहें उड़ती रहीं, लेकिन इस बार मामला अलग लग रहा है. वजह है, वो जेल जहां वे थे. बीते साल 25 दिसंबर को उनके समर्थकों ने बताया कि नवलनी से संपर्क हुए उन्हें दो हफ्ते हो चुके. साथ ही यह भी बताया गया कि वे पोलर वोल्फ पीनल कॉलोनी में भेजे जा चुके हैं. यमालो-नेनेट्स जिले में यह वो खौफनाक जेल है, जहां रूस के सबसे खतरनाक अपराधी रखे जाते हैं, या फिर वे जिन्हें सरकार दुनिया से काट देना चाहे.

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