
मध्य-पूर्व में जारी जंग से क्या भारत में बढ़ेंगे तेल के दाम या रूस से ज़रूरत पूरी हो जाएगी?
BBC
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत ने रूस से तेल आयात कम नहीं किया तो टैरिफ़ फिर से बढ़ा दिया जाएगा. इस बीच ऐसी भी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि भारत में तेल के दाम बढ़ सकते हैं.
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान होर्मुज़ स्ट्रेट के बंद होने की स्थिति में भारत की रूसी कच्चे तेल पर निर्भरता बढ़ने की संभावना है. होर्मुज़ स्ट्रेट से भारत अपनी 40 फ़ीसदी तेल आपूर्ति पूरी करता है.
एक समय भारत रूस से रोज़ाना 20 लाख बैरल तेल आयात कर रहा था. लेकिन जनवरी में आयात घटकर प्रतिदिन 11.6 लाख बैरल रह गया. यह नवंबर में 18 लाख बैरल था.
ऐसी उम्मीद जताई गई थी कि भारत अपने निर्यात पर 25 फ़ीसदी अमेरिकी टैरिफ़ दोबारा लगने से बचने के लिए और अमेरिका से 'समझौते के तहत किए वादे' को पूरा करने के लिए रूसी तेल आयात घटाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत ने रूस से तेल आयात कम नहीं किया तो टैरिफ़ 18 फ़ीसदी से बढ़ाकर फिर 25 फ़ीसदी कर दिया जाएगा. उनका उद्देश्य यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ रहे रूस पर दबाव बढ़ाना था.
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हालांकि, भारत ने कहा था कि देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा ज़रूरतें और सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी.
भारत में तेल रिफ़ाइनरी कंपनियां रूसी तेल कई देशों को निर्यात करती रही हैं.













