
भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी इतालवी नौसैनिकों के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट ने केस बंद किया
The Wire
साल 2012 में भारत ने इटली के दो नौसैनिकों पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप लगाया था. न्याय क्षेत्र के विवाद को लेकर इटली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत चला गया था, जिसने दोनों इतालवी नौसैनिकों पर हत्या का मुक़दमा चलाने की भारत की दलील को ख़ारिज कर दिया था. हालांकि, अदालत ने कहा था कि भारत इस मामले में मुआवज़ा पाने का हक़दार है.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2012 में केरल तट के निकट दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी दो इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ भारत में चल रहे आपराधिक मामले को बंद करने का मंगलवार को निर्देश दिया. इसके अलावा न्यायालय ने केरल हाईकोर्ट से पीड़ितों के वारिसों के बीच दस करोड़ रुपये के मुआवजे के आवंटन पर निगरानी रखने को कहा है. जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एमआर शाह की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले में दोनों इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और कार्यवाही रद्द कर दी है. पीठ ने कहा कि भारत द्वारा स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता समझौता (इंटरनेशनल आर्बिटल अवॉर्ड) के अनुरूप केरल के दो मछुआरों की हत्या के मामले में नौसैनिकों मासिमिलानो लातोरे और सल्वातोरे गिरोने के खिलाफ आगे की जांच इटली गणराज्य में की जाएगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की भारत के विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से ‘मित्र’ रहे ईरान पर थोपे गए युद्ध को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ ‘विश्वासघात’ है.






