
'भारतीय खिलाड़ी डरते हैं...', अजिंक्य रहाणे ने BCCI सेलेक्टर्स पर साधा निशाना! खड़े किए कई सवाल
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टीम इंडिया के सीनियर बल्लेबाज और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टीम सेलेक्शन पर बड़ा बयान दिया है. रहाणे ने कहा कि भारत में खिलाड़ियों के सेलेक्शन प्रोसेस में बड़े बदलाव की जरूरत है. रहाणे ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी सेलेक्टर्स के डर से खुलकर नहीं खेल पाते और इससे टैलेंट दब जाता है.
टीम इंडिया के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने भारतीय क्रिकेट में सेलेक्शन सिस्टम को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है. रहाणे का मानना है कि सेलेक्टर्स की नियुक्ति में बुनियादी सुधारों की जरूरत है. खासकर डोमेस्टिक लेवल पर...
उन्होंने कहा कि टीम चुनने की जिम्मेदारी केवल हाल ही में रिटायर हुए फर्स्ट क्लास खिलाड़ियों को दी जानी चाहिए, क्योंकि वे मॉडर्न क्रिकेट की डिमांड और खिलाड़ियों की क्षमता को बेहतर समझते हैं. ध्यान रहे रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से आधिकारिक रूप से संन्यास नहीं लिया है, लेकिन उन्होंने इस साल की शुरुआत में मुंबई टीम के कप्तान पद से इस्तीफा दे दिया था.
रहाणे के इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि कई खिलाड़ी वर्तमान सेलेक्टर्स के डर से खुलकर प्रदर्शन नहीं कर पाते, और इसलिए सिस्टम में बदलाव बेहद जरूरी है. रहाणे का यह बयान सीधे-सीधे BCCI सेलेक्टर्स पर निशाना माना जा रहा है, क्योंकि खुद रहाणे लंबे अर्से से टीम से बाहर हैं.
रहाणे ने अपने पूर्व टीममेट चेतेश्वर पुजारा के साथ अपने YouTube चैनल पर बातचीत के दौरान कहा- खिलाड़ियों को सेलेक्टर्स से डरना नहीं चाहिए, मैं खासकर घरेलू क्रिकेट के सेलेक्टर्स की बात करना चाहता हूं. हमारे पास ऐसे सेलेक्टर्स होने चाहिए जो हाल ही में टॉप-लेवल क्रिकेट से रिटायर हुए हों, जो पांच-छह साल, सात-आठ साल पहले रिटायर हुए हों.

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