
ब्रिटेनः पीएम पद के कैंडिडेट ऋषि सुनक ने तेज किया कैंपेन, वोटर्स को रिझाने के लिए तैयार की अवैध अप्रवास रोकने की योजना
AajTak
ब्रिटेन में पीएम पद के कैंडिडेट ऋषि सुनक ने अपना कैंपेन तेज कर दिया है. वोटर्स को रिझाने के लिए उन्होंने अवैध अप्रवास को रोकने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है. अब ऋषि सुनक के साथ पीएम पद की रेस में लिज ट्रस हैं. सोमवार को दोनों नेता टीवी बहस में आमने-सामने होंगे.
ब्रिटेन में अगले प्रधानमंत्री पद की रेस अब रोचक होती जा रही है. इस दौड़ में ऋषि सुनक और लिज ट्रस हैं. वहीं ऋषि सुनक ये चुनाव जीतने के लिए दमदार तरीके से कैंपेन चला रहे हैं. कंजर्वेटिव पार्टी के मतदाताओं को रिझाने के लिए उन्होंने अपनी रणनीतियां भी बताई हैं कि अगर वह देश के पीएम बने तो किन योजनाओं पर कैसे काम करेंगे.
ऋषि सुनक ने अपने कैंपेन में अवैध अप्रवास (Illegal Immigration) के संवेदनशील मुद्दे को उठाया है. 42 साल के ऋषि सुनक ने ब्रिटेन की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए 10 सूत्रीय योजना तैयार की है.
'द डेली टेलीग्राफ' के मुताबिक ऋषि सुनक ने यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) की ताकतों पर अंकुश लगाने का भी वादा किया है. ऋषि सुनक ने कहा कि ईसीएचआर हमारी सीमाओं को ठीक से नियंत्रित करने की हमारी क्षमता को बाधित नहीं कर सकता है. हमें इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए. हमें अपने सिस्टम में ये बात शामिल करने की जरूरत है और यही यही मेरी योजना है.
वहीं, रिचमंड (यॉर्क) के टोरी सांसद ने सुझाव दिया कि सरकार अब तक देश की सीमाओं पर नियंत्रण वापस लेने के लिए वोट लीव ब्रेक्सिट कमिटमेंट को पूरा करने में विफल रही है, क्योंकि वह देश की शरणार्थी प्रणाली को अराजक बनाता है. उन्होंने कहा कि शरणार्थियों की संख्या आवश्यकता के अनुसार निर्धारित की जानी चाहिए. हमारी संसद को हर साल स्वीकार किए जाने वाले शरणार्थियों की संख्या पर नियंत्रण दिया जाएगा.
ऋषि सुनक ने अपनी भारतीय अप्रवासी जड़ों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि मेरे अपने परिवार ने 60 साल पहले इस देश में आने पर अनुभव किया था कि ब्रिटेन एक उदार, महत्वाकांक्षी और दयालु देश है और यह गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि बीते कुछ समय में भारी संख्या में अप्रवासी यूके में आए हैं. अवैध रूप से देश में आने वाले प्रवासियों को रोकने के लिए नीति बनाने की जरूरत है. जबकि कुछ लोग अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए शरण मांगते हैं. उनके प्रति हमारा कर्तव्य है, चाहे यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त देशों से भाग रहे लोग हों या उत्पीड़न से बच रहे लोग हों.
ऋषि सुनक ने कहा कि बुनियादी मानवीय शालीनता के साथ-साथ कठोर सामान्य ज्ञान भी होना चाहिए. जून 2016 में जनमत संग्रह के दौरान इस देश के लोगों ने एक स्पष्ट संदेश दिया था. मैंने उन्हें सुना और प्रधानमंत्री के रूप में, मैं वह करूंगा जो वादा किया गया था. ऋषि सुनक और ट्रस आज को टीवी की बहस में आमने-सामने होंगे.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









