
बिभव ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की जमानत याचिका, कहा- सिर्फ स्वाति मालीवाल की सुनी जा रही
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बिभव ने कहा कि इस मामले में बिभव और स्वाति मालीवाल दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन सिर्फ स्वाति के मामले की जांच की जा रही है, क्योंकि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और राज्यसभा सांसद हैं. बिभव की ओर से स्वाति के खिलाफ दर्ज शिकायत पर कोई जांच नहीं की जा रही है.
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ अभद्रता के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है. बिभव कुमार ने इस मामले को आपराधिक मशीनरी के दुरुपयोग का मामला बताया, क्योंकि स्वाति मालीवाल एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं.
बिभव ने अपनी अर्जी में कहा कि स्वाति मालीवाल के खिलाफ उनकी शिकायत की जांच नहीं की जा रही है. याचिका में ये भी कहा गया है कि बिभव को पहले ही अनुचित कारावास भुगतनी पड़ी है, वह 25 दिनों से अधिक समय से हिरासत में हैं. स्वाति मालीवाल की कथित चोटों का दावा एमएलसी रिपोर्ट में झूठा साबित हुआ है. एमएलसी रिपोर्ट उनके बयान की पुष्टि नहीं करती है.
बिभव ने कहा कि इस मामले में बिभव और स्वाति मालीवाल दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन सिर्फ स्वाति के मामले की जांच की जा रही है, क्योंकि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और राज्यसभा सांसद हैं. बिभव की ओर से स्वाति के खिलाफ दर्ज शिकायत पर कोई जांच नहीं की जा रही है.
याचिका में कहा गया है कि स्वाति मालीवाल के मौजूद रहने के दौरान पूरे समय के सीसीटीवी से पता चलता है कि धमकी और हमले उनके (स्वाति) द्वारा किए गए हैं और दूसरी ओर पूरा स्टाफ सम्मानपूर्वक उनसे परिसर छोड़ने और उचित समय लेने का अनुरोध कर रहा था.
बिभव ने कहा कि उन्हें झूठे और तुच्छ मामलों में फंसाने की हद तक गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. मौजूदा एफआईआर से ऐसा लगता है कि यह शिकायतकर्ता की नापाक मंशा का ही नतीजा है.
याचिका में दलील दी गई है कि बिभव अपने 4 सदस्यों वाले परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है, उसके 2 बच्चे हैं. जेल में कैद के कारण परिवार को अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ रहा है. परिवार के सदस्य खुद का प्रबंधन करने में सक्षम नहीं हैं.

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